बिहार के हाजीपुर में अपराधियों के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। शुक्रवार को वैशाली पुलिस और Patna STF की संयुक्त टीम ने कुख्यात सोना लुटेरे Prince Kumar को एनकाउंटर में मार गिराया है। यह वही प्रिंस है जो कुछ समय पहले PMCH से पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया था। उस पर सरकार ने 2 लाख रुपये का इनाम रखा था। पुलिस ने हनुमान नगर कॉलोनी में उसे घेर लिया था, जहां दोनों तरफ से हुई गोलीबारी में प्रिंस की मौत हो गई।
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पुलिस को चकमा देकर कैसे भागा था प्रिंस?
प्रिंस कुमार का नाम पिछले साल काफी चर्चा में आया था जब वह पुलिस हिरासत से फरार हुआ था। सितंबर 2024 में इलाज के दौरान PMCH में उसने अपनी सुरक्षा में लगे पुलिसकर्मियों को कथित तौर पर ‘मटन पार्टी’ दी थी। इसके बाद वह उन्हें कमरे में बंद करके वहां से भाग निकला था। तब से वह फरार चल रहा था और पुलिस उसकी तलाश कर रही थी।
शुक्रवार को पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि प्रिंस हाजीपुर के सदर थाना क्षेत्र में हनुमान नगर कॉलोनी में छिपा है। टीम जब वहां पहुंची तो प्रिंस ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में उसे चार गोलियां लगीं और अस्पताल ले जाते समय उसने दम तोड़ दिया। मौके से उसके एक साथी को गिरफ्तार भी किया गया है।
इंजीनियरिंग छोड़कर बना जुर्म की दुनिया का बड़ा नाम
प्रिंस कुमार उर्फ अभिजीत पहले इंजीनियरिंग का छात्र था, लेकिन बाद में अपराध की दुनिया में कदम रख दिया। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उस पर बिहार, बंगाल और मध्य प्रदेश में 31 से ज्यादा मामले दर्ज थे।
- बड़ा गिरोह: वह कुख्यात सरगना सुबोध सिंह का राइट हैंड माना जाता था जो देश भर में सोना लूटने के लिए जाना जाता है।
- पुलिस की हत्या: साल 2018 में हाजीपुर कोर्ट में पेशी के दौरान हवलदार राम इकबाल राम की हत्या में भी उसका नाम मुख्य रूप से आया था।
- सोना लूट: हाल ही में पूर्णिया के तनिष्क शोरूम में हुई बड़ी डकैती में भी उसकी भूमिका सामने आई थी।
घटनास्थल पर FSL की टीम ने पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक एनकाउंटर की पूरी प्रक्रिया मानवाधिकार आयोग के नियमों के तहत की जा रही है।






