मुजफ्फरपुर-सुगौली रेल सेक्शन पर स्थित सेमरा स्टेशन के पास अब जल्द ही एक बड़ा मल्टी मॉडल कार्गो टर्मिनल बनने जा रहा है। समस्तीपुर रेल मंडल ने इसके लिए जरूरी कागजी कार्रवाई तेज कर दी है। हाल ही में रेलवे और प्राइवेट कंपनी के अधिकारियों ने मिलकर जगह का सर्वे पूरा किया और अपनी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को सौंप दी है। इस प्रोजेक्ट के शुरू होने से चंपारण के इस इलाके में विकास की रफ़्तार बढ़ेगी और सैकड़ों स्थानीय लोगों को रोजगार के नए मौके मिलेंगे।
क्या है यह प्रोजेक्ट और किसे होगा फायदा?
यह कार्गो टर्मिनल ‘गति शक्ति मल्टी मॉडल कार्गो टर्मिनल पॉलिसी’ के तहत बनाया जा रहा है। इसके निर्माण का जिम्मा M/s Kartik Grain Infra Private Limited (KGIPL) कंपनी को दिया गया है। यह प्रोजेक्ट साइलो मॉडल (Silo Project) पर आधारित होगा, जिसका मुख्य काम अनाज और जरूरी सामानों की ढुलाई को आसान बनाना है।
टर्मिनल बनने के बाद सड़क के रास्ते होने वाली भारी ढुलाई अब ट्रेन के जरिए होगी, जिससे लागत कम आएगी। सबसे अच्छी बात यह है कि यह टर्मिनल प्राइवेट जमीन पर बनेगा, लेकिन इसे सीधे रेलवे ट्रैक से जोड़ा जाएगा। इससे स्थानीय मजदूरों, ट्रक चालकों और लॉजिस्टिक्स के काम से जुड़े लोगों को सीधे तौर पर रोजगार मिलेगा।
सर्वे पूरा, जानिए कहाँ और कैसे बनेगा टर्मिनल
6 फरवरी 2026 को रेलवे के सीनियर अधिकारियों और KGIPL के डिप्टी मैनेजर ने संयुक्त रूप से साइट का निरीक्षण किया। रिपोर्ट के मुताबिक, यह टर्मिनल सेमरा स्टेशन की लूप लाइन नंबर चार के डेड एंड (अंतिम छोर) से जुड़कर मोतिहारी की तरफ बनाया जाएगा।
यहाँ डाउन मेन लाइन के समानांतर करीब 150 मीटर लंबी रेलवे कनेक्टिविटी लाइन बिछाई जाएगी। सामान को लाने-ले जाने के लिए इसे नेशनल हाईवे (NH) से जोड़ने के लिए 200 मीटर की एक गांव की सड़क भी मौजूद है। सुरक्षा और सही संचालन के लिए यहाँ नए सिग्नल सिस्टम भी लगाए जाएंगे। फिलहाल प्रस्ताव फाइनल मंजूरी के लिए भेजा गया है, जिसके बाद काम शुरू हो जाएगा।






