सोमवार की सुबह भागलपुर सिविल कोर्ट में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब जिला जज के आधिकारिक ईमेल पर बम से उड़ाने की धमकी मिली। सुबह करीब 8:04 बजे आए इस ईमेल में दावा किया गया था कि कोर्ट परिसर, जजों के चैंबर और वॉशरूम में चार RDX बम रखे गए हैं। सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन ने तुरंत मोर्चा संभाला और पूरे परिसर को खाली करा लिया गया। दिन भर चले सर्च ऑपरेशन के बाद शाम को स्थिति सामान्य हुई।
धमकी भरा ईमेल और पुलिस की कार्रवाई
ईमेल भेजने वाले ने अपना नाम अमन कुमार बताया और खुद को नई सीबीआई-एसआईबी शाखा का इंस्पेक्टर बताया। पुलिस ने बिना देर किए डॉग स्क्वॉड और बम निरोधक दस्ते को बुलाया। सुरक्षा टीमों ने कोर्ट के हर कोने की तलाशी ली। इस दौरान पार्किंग में खड़ी गाड़ियो की भी सघन जांच की गई।
- तलाशी का विवरण: पुलिस ने 44 बाइक, 14 स्कूटी, 21 कार और 13 ई-रिक्शा की जांच की।
- नतीजा: कई घंटों की मशक्कत के बाद कोई भी विस्फोटक सामग्री नहीं मिली और इसे एक अफवाह घोषित कर दिया गया।
- जांच: साइबर सेल अब ईमेल भेजने वाले का आईपी एड्रेस ट्रेस कर रही है, जो राज्य के बाहर का लग रहा है।
सांसद पप्पू यादव की सुनवाई टली
इस धमकी का सीधा असर कोर्ट के कामकाज पर पड़ा। सोमवार को निर्दलीय सांसद पप्पू यादव की जमानत अर्जी पर सुनवाई होनी थी, लेकिन परिसर खाली होने के कारण इसे टालना पड़ा। उनके वकील ने जानकारी दी है कि अब यह सुनवाई मंगलवार, 10 फरवरी को होगी। यह पिछले 13 दिनों में दूसरी बार है जब कोर्ट को ऐसी धमकी मिली है, इससे पहले 28 जनवरी को भी ऐसी ही घटना हुई थी।
सुरक्षा को लेकर कड़े कदम
बार-बार मिल रही धमकियों को देखते हुए अब कोर्ट की सुरक्षा बढ़ाई जा रही है। प्रशासन ने सभी सिविल कोर्ट का सुरक्षा ऑडिट करने का आदेश दिया है। आने वाले दिनों में कोर्ट के एंट्री गेट पर बूम बैरियर और फ्लैप बैरियर लगाए जाएंगे। साथ ही, हर आने-जाने वाले पर नजर रखने के लिए 100% सीसीटीवी कवरेज सुनिश्चित की जाएगी। धमकी देने वाले ने ईमेल में 1979 की पुलिस कमीशन रिपोर्ट लागू करने और तमिलनाडु में पुलिसकर्मियों के साथ व्यवहार को लेकर अजीबोगरीब मांगें भी रखी थीं।






