पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव (Rajesh Ranjan) को मंगलवार, 10 फरवरी को पटना की विशेष कोर्ट से बड़ी राहत मिल गई है। 31 साल पुराने एक मामले में कोर्ट ने उनकी जमानत अर्जी मंजूर कर ली है। मंगलवार की दोपहर पप्पू यादव को बेउर जेल से कड़ी सुरक्षा के बीच पटना सिविल कोर्ट लाया गया। तबीयत खराब होने के कारण सांसद को व्हीलचेयर पर ही कोर्ट रूम में पेश किया गया।
बम की धमकी की वजह से एक दिन लेट हुई सुनवाई
सांसद की जमानत पर सुनवाई पहले सोमवार यानी 9 फरवरी को ही होनी थी। लेकिन उस दिन पटना सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की एक धमकी भरी ईमेल मिली थी। सुरक्षा कारणों से तुरंत कोर्ट परिसर को खाली करवा दिया गया था और काम रोक दिया गया था। इस कारण सुनवाई एक दिन के लिए टल गई और मंगलवार को फैसला आया। अब कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनकी रिहाई की उम्मीद है।
जानिए क्या है 1995 का यह पूरा मामला
यह मामला करीब 31 साल पुराना है और पटना के गर्दनीबाग थाने से जुड़ा है। शिकायतकर्ता विनोद बिहारी लाल ने आरोप लगाया था कि पप्पू यादव ने रहने के लिए एक कमरा किराए पर लिया था, लेकिन बाद में उसे गलत तरीके से बिना पूछे पार्टी का ऑफिस बना दिया।
- इस मामले में उन पर धोखाधड़ी और जालसाजी से जुड़ी धाराएं (IPC 467 आदि) लगाई गई थीं।
- कोर्ट में तारीख पर पेश न होने के कारण जुलाई 2025 में उनकी पुरानी जमानत रद्द हो गई थी।
- इसके बाद उनके खिलाफ वारंट जारी हुआ और 6 फरवरी 2026 की रात पुलिस ने उन्हें घर से गिरफ्तार किया था।






