बिहार सरकार ने भागलपुर शहर में पीने के पानी की समस्या को खत्म करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। नगर निगम क्षेत्र में चल रही जलापूर्ति योजना फेज-2 के बचे हुए कामों के लिए 32 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत कर दी गई है। नगर विकास एवं आवास विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। यह पैसा सीधे भागलपुर नगर निगम के पर्सनल लेजर अकाउंट में भेजा जाएगा, जहां से इसे काम कर रही एजेंसी को दिया जाएगा।
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योजना की लागत और फंड का पूरा विवरण
यह प्रोजेक्ट पहले एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) के सहयोग से चल रहा था, लेकिन लोन की अवधि खत्म होने के बाद अब बिहार सरकार इसे अपने फंड से पूरा कर रही है। सरकार ने इस पूरे प्रोजेक्ट के लिए पहले ही 331.35 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी थी। वर्तमान में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए करीब 119 करोड़ रुपये की देनदारी है, जिसमें से 32 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी कर दी गई है। प्रोजेक्ट का विवरण नीचे टेबल में देख सकते हैं:
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| ताजा मंजूर राशि | 32 करोड़ रुपये |
| कुल संशोधित लागत | 331.35 करोड़ रुपये |
| क्रियान्वयन एजेंसी | BUIDCO |
| मुख्य ठेकेदार | VA Tech WABAG |
आम जनता को क्या होगा फायदा और कब तक पूरा होगा काम?
इस योजना के पूरा होने से भागलपुर के करीब 67 हजार घरों यानी लगभग 6 लाख लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। गंगा नदी के पास 141 एमएलडी का रॉ वाटर इनटेक और 90 एमएलडी का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट (WTP) बनाया जा रहा है। इसके साथ ही शहर के अलग-अलग वार्डों में 19 नई पानी की टंकियों का निर्माण भी अंतिम चरण में है। विभाग ने सख्त निर्देश दिए हैं कि ठेकेदार को भुगतान केवल जमीन पर हुए काम की फिजिकल वेरिफिकेशन के बाद ही किया जाए।
हाल ही में हुई समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी और मुख्य सचिव ने निर्देश दिए थे कि वाटर ट्रीटमेंट प्लांट और पाइपलाइन बिछाने का काम युद्ध स्तर पर पूरा किया जाए। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में शहर के हर घर तक शुद्ध पेयजल की सप्लाई सुनिश्चित हो सके। इसके लिए फंड की कमी नहीं होने दी जाएगी।






