10 लाख बचाने के चक्कर में हुई लैंडिंग? अजीत पवार प्लेन क्रैश पर रोहित पवार ने उठाए सवाल

Pooja Kanjani11 February 20262 min read6 viewsIndia
10 लाख बचाने के चक्कर में हुई लैंडिंग? अजीत पवार प्लेन क्रैश पर रोहित पवार ने उठाए सवाल

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के विमान हादसे को लेकर अब नए और गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। विधायक रोहित पवार ने दावा किया है कि सिर्फ 10 लाख रुपये का किराया बचाने के लिए खराब मौसम में भी लैंडिंग का जोखिम उठाया गया। बारामती में 28 जनवरी 2026 को हुए इस हादसे पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी आज प्रतिक्रिया दी है और जांच का भरोसा दिलाया है। यह मामला अब केवल एक दुर्घटना नहीं बल्कि लापरवाही के आरोपों से घिर गया है।

🗞️: बिहार में रेंट एग्रीमेंट और लीज शुल्क में भारी कटौती की तैयारी, अब 10 हजार रुपये तक होगी सीधी बचत

क्या है 10 लाख रुपये और विजिबिलिटी का मामला?

विधायक रोहित पवार ने 10 फरवरी को प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कुछ हैरान करने वाले दावे किए हैं। उनका कहना है कि विमान कंपनी VSR Ventures ने पायलट पर जबरदस्ती लैंडिंग का दबाव डाला था। इसके पीछे की वजह पैसों का नुकसान बताई जा रही है।

रोहित पवार ने जो मुख्य बिंदु उठाए हैं, वे इस प्रकार हैं:

  • किराये का गणित: अगर विमान बारामती के बजाय पुणे या किसी दूसरे हवाई अड्डे पर उतरता, तो पहले से बुक किया गया करीब 10 लाख रुपये का किराया बेकार हो जाता। आरोप है कि इसी नुकसान से बचने के लिए जोखिम लिया गया।
  • खराब दृश्यता: लैंडिंग के समय वहां दृश्यता (Visibility) केवल 3 किमी थी। जबकि नियमों के अनुसार सुरक्षित लैंडिंग के लिए यह कम से कम 5 किमी होनी चाहिए थी।
  • ट्रांसपोंडर बंद होना: दावा किया गया है कि क्रैश होने से ठीक एक मिनट पहले विमान का ट्रांसपोंडर जानबूझकर बंद कर दिया गया था।
  • नियमों की अनदेखी: बारामती हवाई पट्टी पर एटीसी टावर नहीं है और वहां नाइट लैंडिंग या कम दृश्यता में मदद करने वाला ‘इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम’ (ILS) भी मौजूद नहीं था।

ब्लैक बॉक्स मिला, सीएम फडणवीस ने दिए जांच के आदेश

हादसे के बाद उठ रहे सवालों पर राज्य सरकार ने भी संज्ञान लिया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आज (11 फरवरी) पुष्टि की है कि दुर्घटनाग्रस्त विमान का ‘ब्लैक बॉक्स’ मिल गया है। इसमें रिकॉर्ड हुई बातचीत और डेटा से ही हादसे की असली वजह सामने आएगी।

सरकार और एजेंसियों द्वारा उठाए गए कदम:

  • जांच शुरू: मुख्यमंत्री ने कहा है कि रोहित पवार द्वारा उठाए गए संदेहों को स्पष्ट करना जरूरी है। महाराष्ट्र CID ने मामले की समानांतर जांच शुरू कर दी है।
  • DGCA का आदेश: नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने इस घटना के बाद सभी छोटे और चार्टर विमान ऑपरेटरों (Non-scheduled operators) के लिए विशेष सुरक्षा ऑडिट का आदेश दिया है।
  • विदेशी जांच की मांग: रोहित पवार ने मांग की है कि इस मामले की जांच अमेरिका या फ्रांस की अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों से कराई जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके।

फिलहाल पुणे ग्रामीण पुलिस ने इसे आकस्मिक मृत्यु के तौर पर दर्ज किया है, लेकिन ब्लैक बॉक्स का डेटा आने के बाद ही तस्वीर पूरी तरह साफ हो पाएगी।

Share:

Comments

Leave a comment