भागलपुर शहर को साफ-सुथरा बनाने के लिए नगर निगम ने अब तक का सबसे बड़ा कदम उठाया है। शहर की सफाई व्यवस्था को पूरी तरह बदलने के लिए निगम ने 200 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट तैयार किया है, जो अगले चार वर्षों में खर्च किया जाएगा। इसके लिए 5 मार्च से टेंडर की प्रक्रिया शुरू हो रही है। इस नई योजना के तहत शहर में सफाई कर्मियों की संख्या को दोगुना से भी ज्यादा किया जाएगा ताकि गलियों और मोहल्लों से कचरा समय पर उठ सके।

📰: भागलपुर के इन 17 इलाकों में अब नहीं लगेगा पानी, नगर निगम बनाएगा पक्का नाला, सर्वे हुआ पूरा

शहर को 4 जोन में बांटकर होगी सफाई, 2500 कर्मी होंगे तैनात

इस नई व्यवस्था में काम को सही तरीके से करने के लिए पूरे शहर के 51 वार्डों को चार अलग-अलग जोन में बांटा जाएगा। इससे हर इलाके में निगरानी रखना आसान होगा और अधिकारी बेहतर तरीके से काम देख पाएंगे। सबसे बड़ा बदलाव कर्मचारियों की संख्या में किया गया है। अभी शहर में करीब 900 सफाई कर्मी काम करते हैं, लेकिन नई एजेंसी आने के बाद यह संख्या बढ़कर 2550 से अधिक हो जाएगी। इसमें सुपरवाइजर और अन्य स्टाफ भी शामिल होंगे। निगम अपनी 445 गाड़ियां एजेंसी को देगा, जिसके बदले एजेंसी को किराया देना होगा और इन गाड़ियों की मरम्मत और ईंधन का खर्च भी खुद उठाना होगा।

कब से शुरू होगा काम और कितना है बजट?

नगर आयुक्त Kislay Kushwaha ने बताया कि यह इंटीग्रेटेड मॉडल शहर की रैंकिंग सुधारने के लिए लाया जा रहा है। अभी सफाई पर महीने का खर्च करीब 2 करोड़ रुपये है, जो नई व्यवस्था में बढ़कर 4 करोड़ रुपये से ज्यादा हो जाएगा। टेंडर की प्रक्रिया 5 मार्च से शुरू होगी और इच्छुक एजेंसियां 16 मार्च तक अपनी बोली लगा सकेंगी। 17 मार्च को तकनीकी बिड खुलेगी। इस बार सिर्फ कचरा उठाने पर नहीं, बल्कि गीले और सूखे कचरे को घर से ही अलग-अलग करने पर जोर दिया जाएगा। मेयर डॉ. बसुंधरा लाल ने भी कहा है कि इसका मकसद इंदौर की तर्ज पर भागलपुर को साफ बनाना है।


A Local From Tilkamanjhi, Bhagalpur. I am covering Hyperlocal Bhagalpur and Bihar Important News.

Leave a comment