भागलपुर के कजरैली थाना क्षेत्र अंतर्गत तेतरहाट में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक तेल वर्कशॉप को सील कर दिया है। यहाँ करीब 5,000 लीटर मिलावटी वेजिटेबल ऑयल जब्त किया गया है। आरोप है कि घटिया क्वालिटी के तेल को नामी और महंगे ब्रांड के पैकेट में भरकर बाजार में बेचा जा रहा था। खाद्य सुरक्षा विभाग और पुलिस की इस संयुक्त छापेमारी से इलाके के कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है।
कैसे चल रहा था मिलावट का खेल और क्या हुआ बरामद?
प्रशासन को गुप्त सूचना मिली थी कि तेतरहाट के एक वर्कशॉप में ब्रांडेड कंपनियों के नाम पर अवैध पैकिंग का काम चल रहा है। छापेमारी के दौरान टीम को बड़ी मात्रा में खाली डिब्बे, नामी कंपनियों के लोगो और रैपर मिले हैं। जांच में सामने आया कि यह मिलावटी तेल थोक बाजारों और ऑनलाइन ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के जरिए आम लोगों की रसोई तक पहुंचाया जा रहा था। अधिकारियों ने मौके से निम्नलिखित सामान जब्त किया है:
- करीब 5,000 लीटर खुला और पैक किया हुआ संदिग्ध मिलावटी तेल
- विभिन्न ब्रांडेड कंपनियों के नकली रैपर, लोगो और स्टीकर
- पैकिंग के लिए इस्तेमाल होने वाली मशीनें और हजारों खाली बोतलें
प्रशासन की अगली कार्रवाई और वर्कशॉप मालिक का पक्ष
मार्केटिंग ऑफिसर Abhijit Kumar के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई के बाद वर्कशॉप को पूरी तरह सील कर दिया गया है। जब्त किए गए तेल के सैंपल जांच के लिए सरकारी लैब भेजे गए हैं। लैब की रिपोर्ट आने के बाद Food Safety and Standards Act (FSSAI), 2006 के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। दूसरी तरफ, वर्कशॉप के संचालक Owais Alam का कहना है कि उनके पास व्यापार से जुड़े सभी जरूरी कागजात और लाइसेंस मौजूद हैं। पुलिस अब इस पूरे सप्लाई चेन की जांच कर रही है ताकि पता चल सके कि यह नकली रैपर कहां छपते थे और माल कहां सप्लाई होता था।






