भागलपुर नगर निगम ने शहर में सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए अब तक का सबसे बड़ा अभियान शुरू कर दिया है। निगम प्रशासन ने पिछले तीन दिनों में गहन सर्वे कराकर कंपनीबाग तालाब और नाथनगर के हसनाबाद इलाके में 150 से ज्यादा अवैध निर्माणों की पहचान कर ली है। नगर आयुक्त ने साफ कर दिया है कि सरकारी जमीन और जल स्रोतों पर कब्जा अब किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इसके लिए सख्त कार्रवाई की तैयारी पूरी हो चुकी है।
कंपनीबाग और नाथनगर में किसकी जमीन पर खतरा?
निगम की टीम ने वार्ड नंबर 13 (पुराना वार्ड 17) स्थित कंपनीबाग तालाब के पास 59 लोगों को चिन्हित किया है जिन्होंने सरकारी जमीन पर कब्जा कर रखा है। रिपोर्ट के मुताबिक, यहाँ लोगों ने 30×54 से लेकर 42×54 फीट तक के बड़े प्लॉट घेरकर पक्का मकान, दुकान, टिन शेड और यहाँ तक कि मंदिर भी बना लिया है। वहीं नाथनगर के हसनाबाद में पुराने स्लाटर हाउस और शेल्टर हाउस की करीब डेढ़ एकड़ जमीन पर 100 से ज्यादा अवैध निर्माण मिले हैं।
- कंपनीबाग तालाब (वार्ड 13): यहाँ 59 अतिक्रमणकारी चिन्हित किए गए हैं।
- हसनाबाद, नाथनगर: यहाँ शेल्टर हाउस की जमीन पर लगभग 100 अवैध निर्माण हैं।
- कब्जाधारी: सर्वे लिस्ट में श्रीकांत मंडल, चंद्रदेव मंडल, बबलू चौधरी और राजेश रोशन जैसे कई नाम शामिल हैं।
7 दिन का अल्टीमेटम और बुलडोजर प्लान
नगर आयुक्त किसलय कुशवाहा ने अतिक्रमण शाखा को सख्त निर्देश दिया है कि सभी चिन्हित लोगों को तुरंत नोटिस भेजा जाए। इन लोगों को अपनी जमीन के कागज दिखाने के लिए केवल एक हफ्ते का समय दिया गया है। अगर 7 दिन के अंदर कोई ठोस सबूत या जवाब नहीं मिला, तो पुलिस बल की मदद से बुलडोजर चलाकर ये सारे निर्माण तोड़ दिए जाएंगे। प्रशासन का कहना है कि कंपनीबाग तालाब पर कब्जे की वजह से ही शहर में जलजमाव की भारी समस्या हो रही है, इसलिए यह जमीन खाली कराना बेहद जरूरी है।






