भागलपुर में सड़कों के किनारे सालों से पड़ी जब्त और खटारा गाड़ियों को हटाने के लिए अब प्रशासन सख्त हो गया है। गुरुवार को मेयर डॉ. वसुंधरा लाल ने सिटी एसपी शैलेंद्र सिंह से मुलाकात की और एक ज्ञापन सौंपा। इसमें साफ तौर पर कहा गया है कि तिलकामांझी पुलिस स्टेशन और यूनिवर्सिटी के पास पड़ी जब्त गाड़ियों को तुरंत हटाया जाए। ये गाड़ियाँ न सिर्फ शहर की सुंदरता बिगाड़ रही हैं, बल्कि हादसों और बीमारियों का कारण भी बन रही हैं।
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जाम और बीमारी की वजह बन रही ये गाड़ियाँ
मेयर ने बताया कि थानों और यूनिवर्सिटी के पास खड़ी ये गाड़ियाँ कबाड़ में बदल चुकी हैं। बरसात के मौसम में इनमें पानी जमा हो जाता है, जिससे मच्छर पनपते हैं और शहर में डेंगू का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा, सड़क का काफी हिस्सा इन गाड़ियों ने घेर रखा है, जिससे ट्रैफिक जाम लगता है और रात के समय एक्सीडेंट का खतरा बना रहता है।
हालांकि राज्य परिवहन सचिव और जिला प्रशासन ने एक साल पहले ही ऐसे वाहनों को हटाने का निर्देश दिया था, लेकिन तिलकामांझी इलाके में अभी तक इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। मेयर ने एसपी से आग्रह किया है कि कानूनी पचड़ों में फंसी गाड़ियों के लिए कोर्ट से अनुमति लेकर उन्हें जल्द से जल्द डिस्पोज किया जाए।
निगम का एक्शन और जुर्माने की पूरी जानकारी
नगर निगम ने भी शहर को साफ और जाम-मुक्त बनाने के लिए अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। पिछले 48 घंटों में (17-18 फरवरी) निगम ने एक बड़ा अभियान चलाया है, जिसमें मेडिकल कॉलेज रोड, मनाली चौक और स्टेशन चौक जैसे इलाकों को टारगेट किया गया।
- गाड़ियाँ जब्त: अभियान के दौरान कुल 23 गाड़ियाँ जब्त की गईं।
- जुर्माना वसूला: मौके पर ही कुल 45,200 रुपये का जुर्माना वसूला गया।
- जुर्माना राशि: अवैध पार्किंग और अतिक्रमण पर 500 रुपये से लेकर 5,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा रहा है।
- स्टोरेज: जब्त की गई गाड़ियों को लाजपत पार्क में शिफ्ट किया जा रहा है।
सिटी एसपी शैलेंद्र सिंह ने भरोसा दिलाया है कि पुलिस विभाग और परिवहन विभाग मिलकर जल्द ही इन गाड़ियों को नीलाम करने या शहर से बाहर शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू करेंगे।






