खाड़ी देशों में जारी तनाव ने बिहार के भागलपुर और बांका जिले के लोगों की चिंता बढ़ा दी है। ईरान और अन्य देशों के बीच चल रहे संघर्ष और मिसाइल हमलों के बाद वहां काम कर रहे दर्जनों लोग डर के साये में जी रहे हैं। कतर, सऊदी अरब, कुवैत और दुबई जैसे देशों में रह रहे कामगारों के परिवार वाले यहां काफी परेशान हैं। हालात इतने बिगड़ गए हैं कि कई फ्लाइट्स रद्द होने की वजह से लोग अपने घर लौटने के लिए मदद की गुहार लगा रहे हैं।
वहां फंसे कामगारों ने बताई डरावनी सच्चाई
गल्फ देशों में काम कर रहे लोगों ने फोन पर वहां के हालात बयां किए हैं। शारजाह में सेल्स ऑफिसर मोहम्मद शब्बीर आलम ने बताया कि माहौल तेजी से खराब हो रहा है। वहीं कुवैत में ड्राइवर का काम करने वाले नूर आलम ने बताया कि रात में धमाकों की आवाजें सुनकर लोग दहशत में हैं। सऊदी अरब में सेल्समैन मोहम्मद मुनब्बर का कहना है कि मिसाइल हमलों ने सबको हिला कर रख दिया है और वे जल्द से जल्द भारत लौटना चाहते हैं।
ओमान में रह रहे तौसीफ खान और दुबई में अब्दुल्ला ने बताया कि उन्होंने पहली बार अपनी आंखों के सामने मिसाइल के टुकड़े गिरते देखे हैं। दरभंगा के तारिक ने बताया कि उनके ऑफिस से महज 300 मीटर की दूरी पर मिसाइल का मलबा गिरा, जिसके बाद कंपनी ने वर्क फ्रॉम होम का आदेश दिया है।
फ्लाइट्स बंद होने से बढ़ी मुसीबत
युद्ध जैसे हालात को देखते हुए एयर इंडिया और इंडिगो जैसी बड़ी एयरलाइंस ने उस क्षेत्र की कई उड़ानें रद्द कर दी थीं। भागलपुर और बांका के अलावा दरभंगा के सिमरी और अलिनगर जैसे इलाकों के लोग भी वहां फंसे हुए हैं। यूएई में हुए हमलों में कुछ लोगों के घायल होने की खबर आने के बाद से यहां उनके परिजनों की नींद उड़ गई है। लोग लगातार अपने घर वालों से संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं।
सरकार ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर
बिहार सरकार और विदेश मंत्रालय ने वहां फंसे लोगों की मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। 2 मार्च 2026 को बिहार सरकार ने एक आधिकारिक नंबर जारी किया ताकि पीड़ित परिवार संपर्क कर सकें। राहत की बात यह है कि एयरस्पेस धीरे-धीरे खुलने के बाद 6 और 7 मार्च से कुछ लोग विशेष उड़ानों के जरिए सुरक्षित वापस लौटने लगे हैं। सरकार पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।






