भागलपुर में जेईई मेन (JEE Main) का रिजल्ट आते ही कोचिंग संस्थानों के बीच क्रेडिट लेने की होड़ मच गई है। शहर के जीरो माइल और तिलकामांझी जैसे कोचिंग हब में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। जिस छात्र को कभी फीस न भर पाने के कारण क्लास से निकाल दिया गया था, आज वही संस्थान उसकी सफलता को अपनी मेहनत बताकर बड़े-बड़े होर्डिंग लगा रहा है। छात्रों और अभिभावकों के लिए यह जानना जरूरी है कि कैसे मार्केटिंग के नाम पर उनकी आंखों में धूल झोंकी जा रही है।
ℹ️: भागलपुर में मदद के बहाने ATM बदलकर 1 लाख की ठगी, बैंक ने पुलिस को सौंपे CCTV फुटेज।
फीस न देने पर बेइज्जत किया, अब फोटो छाप रहे
जीरो माइल और तिलकामांझी इलाके में चल रहे कई प्राइवेट कोचिंग सेंटर्स पर गंभीर आरोप लगे हैं। सबसे चौंकाने वाला मामला छात्र आदर्श कुमार का है, जिन्होंने जेईई मेन में 99.23 परसेंटाइल स्कोर किया है। आदर्श का कहना है कि जब वे भागलपुर के एक संस्थान में पढ़ते थे, तो फीस जमा न कर पाने पर उन्हें बेइज्जत करके निकाल दिया गया था।
उस समय उनसे जबरदस्ती लिखवाया गया था कि वे अपनी मर्जी से छोड़ रहे हैं। अब संस्थान उसी कागज को आधार बनाकर दावा कर रहा है कि आदर्श उनका रेगुलर छात्र था। आदर्श ने साफ किया कि उन्होंने अपनी असल तैयारी पटना रहकर पूरी की है। वहीं, छात्रा साक्षी प्रिया ने आरोप लगाया है कि उन्होंने सिर्फ डेमो क्लास ली थी, लेकिन उनकी फोटो को एआई (AI) तकनीक से एडिट करके संस्थान के पोस्टर पर लगा दिया गया है।
25 हजार से 1 लाख में फोटो खरीदने का खेल
रिपोर्ट्स के मुताबिक, भागलपुर में टॉपर्स की फोटो खरीदने का एक पूरा बाजार चल रहा है। कई संस्थान सफल छात्रों को अपनी लिस्ट में दिखाने के लिए नकद इनाम का लालच दे रहे हैं।
- कीमत: एक फोटो और नाम इस्तेमाल करने के लिए 25,000 से 1 लाख रुपये तक ऑफर किए जा रहे हैं।
- सहमति पत्र: छात्रों से बैकडेट में साइन कराए जा रहे हैं ताकि कानूनी पचड़े से बचा जा सके।
- फर्जी लिस्ट: एक ही छात्र का फोटो 3 से 4 अलग-अलग कोचिंग सेंटर्स की सफलता सूची में दिख रहा है।
अभिभावक कैसे पहचानें असली और नकली दावा
कानूनी जानकारों और पटना हाई कोर्ट के वकील राजीव कुमार सक्सेना ने बताया है कि बिना अनुमति किसी छात्र की फोटो इस्तेमाल करना आईटी एक्ट और कंज्यूमर प्रोटेक्शन लॉ का उल्लंघन है। अभिभावकों को एडमिशन लेते समय पोस्टर पर लिखे दावों की जांच करनी चाहिए।
वकील सक्सेना ने सलाह दी है कि पोस्टर पर छात्र का यूआईडी (UID) या रोल नंबर जरूर चेक करें। अगर कोई कोचिंग संस्थान भ्रामक प्रचार कर रहा है, तो उसकी शिकायत नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन (1915) पर की जा सकती है। हाल ही में सीसीपीए (CCPA) ने भी झूठे दावों पर रोक लगाने के लिए सख्त गाइडलाइंस जारी की हैं।






