शुक्रवार की देर शाम भागलपुर-मंदारहिल रेल खंड पर एक बहुत बड़ा हादसा होते-होते रह गया। सांझा हॉल्ट के पास भागलपुर-देवघर पैसेंजर ट्रेन गुजर रही थी, तभी लोको पायलट की नजर खराब पटरी पर पड़ी। सूझबूझ दिखाते हुए ड्राइवर ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन रोक दी। जांच में पता चला कि पटरी को बांधकर रखने वाले पेंडोल क्लिप टूटे हुए थे और पटरी अपनी जगह से खिसक गई थी। अगर ट्रेन नहीं रुकती तो बड़ा नुकसान हो सकता था।
ट्रैक्टर वाले की गलती से जा सकती थी जान
यह घटना किसी तकनीकी खराबी के कारण नहीं बल्कि एक ट्रैक्टर वाले की लापरवाही से हुई। बताया जा रहा है कि एक ट्रैक्टर चालक अवैध तरीके से रेलवे लाइन पार करने की कोशिश कर रहा था। इसी दौरान उसका ट्रैक्टर पटरी पर फंस गया। ट्रैक्टर को निकालने के चक्कर में उसने जोर लगाया जिससे पटरी के 15 से 17 पेंडोल क्लिप टूट गए। क्लिप टूटने से पटरी अपनी जगह से हिल गई। हादसा करके ट्रैक्टर चालक वहां से भाग निकला। गनीमत रही कि ट्रेन के ड्राइवर ने इसे समय रहते देख लिया।
यात्रियों को 3 घंटे तक करना पड़ा इंतजार
इस घटना के कारण रेल यातायात पूरी तरह से बाधित हो गया। पेंडोल क्लिप टूट जाने से ट्रैक असुरक्षित हो गया था, जिसे ठीक करने में समय लगा। इसका सीधा असर यात्रियों पर पड़ा।
- भागलपुर-देवघर पैसेंजर: यह ट्रेन सांझा हॉल्ट के पास लगभग 3 घंटे तक जंगल में खड़ी रही।
- भागलपुर-हंसडीहा पैसेंजर: इस ट्रेन को भागलपुर स्टेशन पर ही 3 घंटे से ज्यादा समय तक रोके रखना पड़ा।
रेलवे ने रातों-रात ठीक की पटरी
घटना की जानकारी मिलते ही मालदा डिवीजन के अधिकारी हरकत में आ गए। संयोग से डीआरएम मनीष कुमार गुप्ता उसी इलाके में निरीक्षण पर थे। टिकानी स्टेशन मास्टर और ट्रैफिक इंस्पेक्टर ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। शुक्रवार रात को ही रेलवे की टीम ने टूटे हुए क्लिप बदल दिए और पटरी को ठीक करके सुरक्षा जांच की। देर रात ट्रैक फिट घोषित होने के बाद ट्रेनों का परिचालन फिर से शुरू कर दिया गया। आरपीएफ अब उस ट्रैक्टर चालक की तलाश कर रही है जिसने सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया।






