भागलपुर में मरीजों की जान से खिलवाड़ करने वाले फर्जी निजी अस्पतालों पर स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। जिलाधिकारी नवल किशोर चौधरी के सख्त निर्देश के बाद सिविल सर्जन डॉ. वीरेंद्र प्रसाद की टीम ने छापेमारी अभियान चलाया। इस दौरान शहर के दो बड़े अस्पतालों में भारी गड़बड़ी और एक्सपायर दवा का इस्तेमाल पाया गया, जिसके बाद उन्हें तुरंत प्रभाव से सील कर दिया गया और जुर्माना लगाया गया है।
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जीरो माइल के पास एक्सपायर दवा से किया जा रहा था इलाज
स्वास्थ्य विभाग की जांच टीम सबसे पहले जीरो माइल तारा मंदिर के पास स्थित Long Life Hospital पहुंची। यहाँ जांच के दौरान अधिकारियों को काफी चौंकाने वाली चीजें मिलीं। अस्पताल में मरीजों के इलाज के लिए एक्सपायर हो चुकी दवाओं (Expired Medicines) का इस्तेमाल किया जा रहा था, जो कि जानलेवा हो सकता है।
जांच के वक्त अस्पताल में कोई भी रजिस्टर्ड डॉक्टर मौजूद नहीं था। यह अस्पताल बिना रजिस्ट्रेशन के चल रहा था और बायो-मेडिकल वेस्ट के नियमों का भी पालन नहीं कर रहा था। अस्पताल दो अलग-अलग नामों से चलाया जा रहा था। इन सभी कमियों को देखते हुए टीम ने तुरंत इसे सील कर दिया और 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
आदमपुर में झोलाछाप डॉक्टर चला रहे थे सेवा सदन
प्रशासन की दूसरी बड़ी कार्रवाई आदमपुर घाट रोड स्थित Amit Seva Sadan पर हुई। यहाँ जांच में सामने आया कि इस क्लिनिक को एक झोलाछाप (Quack) डॉक्टर द्वारा चलाया जा रहा था। जब टीम ने कागजात मांगे, तो संचालक बिहार काउंसिल ऑफ रजिस्ट्रेशन का कोई भी सर्टिफिकेट नहीं दिखा सके।
क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के तहत जरूरी रजिस्ट्रेशन भी इनके पास नहीं था। यहाँ मेडिकल कचरे को खुले में फेंका जा रहा था, जिससे संक्रमण फैलने का खतरा था। नियमों की अनदेखी करने पर इस सेन्टर को भी सील कर दिया गया है और 50 हजार रुपये का आर्थिक दंड लगाया गया है।
सिविल सर्जन की चेतावनी, अब नहीं बचेंगे अवैध क्लिनिक
सिविल सर्जन ने साफ कर दिया है कि जिले में यह अभियान अब रुकने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि किसी भी सूरत में बिना क्वालीफाइड डॉक्टर और बिना रजिस्ट्रेशन वाले क्लिनिक या लैब नहीं चलने दिए जाएंगे।
प्रशासन ने आम लोगों से भी अपील की है कि वे किसी भी निजी क्लिनिक में इलाज कराने से पहले डॉक्टर का रजिस्ट्रेशन जरूर चेक कर लें। इस कार्रवाई के बाद जिले के अन्य अवैध निजी अस्पताल संचालकों में डर का माहौल है और कई लोग अपनी दुकानें बंद करके भूमिगत हो गए हैं।






