भागलपुर और दुमका के बीच रेल यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए रेलवे ने बड़ी खुशखबरी दी है। गोनूधाम, पंजवारा रोड और गंगवारा हॉल्ट को अब स्टेशन का दर्जा दिया जा रहा है। ईस्टर्न रेलवे मुख्यालय कोलकाता ने इसे आधिकारिक मंजूरी दे दी है। पीएम गति शक्ति योजना के तहत इन हॉल्ट्स को ‘क्रॉसिंग स्टेशन’ के रूप में अपग्रेड किया जाएगा। इससे न केवल ट्रेनों की रफ्तार बढ़ेगी बल्कि यात्रियों को भी बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
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इन 3 स्टेशनों पर क्या सुविधाएं बढ़ेंगी?
अभी तक गोनूधाम, पंजवारा रोड और गंगवारा केवल एक हॉल्ट थे, जहां ट्रेनें रुकती थीं लेकिन कोई बड़ा स्टाफ नहीं होता था। अब स्टेशन का दर्जा मिलने के बाद यहाँ परमानेंट स्टाफ की नियुक्ति होगी। इसमें स्टेशन मास्टर और पॉइंट-मैन जैसे कर्मचारी शामिल होंगे। इन स्टेशनों के अपग्रेड होने से ट्रेनों का क्रॉसिंग आसान हो जाएगा, जिससे सिंगल लाइन पर भी ट्रैफिक जाम की समस्या कम होगी। वंदे भारत जैसी प्रीमियम ट्रेनों को भी पासिंग में आसानी होगी और देरी कम होगी।
जगदीशपुर में 310 करोड़ से बनेगा नया टर्मिनल
भागलपुर जंक्शन पर बढ़ते दबाव को कम करने के लिए जगदीशपुर में एक नया टर्मिनल स्टेशन बनाया जा रहा है। यह भागलपुर जंक्शन से लगभग 14 किलोमीटर दूर दुमका सेक्शन पर स्थित है। इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 310.45 करोड़ रुपये है। नए टर्मिनल पर यात्रियों के लिए तीन प्लेटफॉर्म, दो फुट-ओवर ब्रिज और चार लूप लाइनें बनाई जाएंगी। इससे विक्रमशिला और अमरनाथ एक्सप्रेस जैसी बड़ी ट्रेनों का रखरखाव और संचालन आसान हो जाएगा।
भागलपुर-दुमका-रामपुरहाट लाइन का दोहरीकरण
रेलवे ने भागलपुर-दुमका-रामपुरहाट रेल लाइन के दोहरीकरण (Doubling) के लिए भी काम तेज कर दिया है। 177 किलोमीटर लंबी इस लाइन के लिए 3,169 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। फिलहाल जमीन अधिग्रहण का काम चल रहा है। डबल लाइन होने से बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के करीब 28 लाख लोगों को सीधा फायदा होगा। इसके साथ ही भागलपुर जंक्शन पर भीड़ को संभालने के लिए 50 करोड़ की लागत से एक नया वेटिंग हॉल भी बनाया जा रहा है।






