भागलपुर को औद्योगिक हब बनाने की दिशा में प्रशासन ने अब एक बहुत बड़ा कदम उठाया है। गोराडीह प्रखंड के मोहनपुर मौजा में नए औद्योगिक क्षेत्र (Industrial Area) के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया अब काफी तेज हो गई है। जिला प्रशासन ने 18 फरवरी 2026 को सोशल इम्पैक्ट असेसमेंट (SIA) के लिए आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इसके तहत फिलहाल 13.35 एकड़ निजी यानी रैयती जमीन का अधिग्रहण किया जाना है, जिसकी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
ℹ️: भागलपुर में एक्सपायर दवा से हो रहा था इलाज, DM के आदेश पर 2 अस्पताल सील, 1 लाख का जुर्माना।
जमीन अधिग्रहण के लिए कौन से प्लॉट और खसरा नंबर चुने गए हैं?
प्रशासन ने जमीन अधिग्रहण के लिए मौजा मोहनपुर (थाना नंबर 476) में जमीन की पहचान पूरी कर ली है। इसमें खास तौर पर खाता और खेसरा नंबर 114, 115, 116, 117, 119 और 121 शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार, अभी 13.35 एकड़ निजी जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है।
इसके अलावा, सरकार के पास वहां पहले से मौजूद 97 एकड़ सरकारी (गोशाला) जमीन भी है, जिसे उद्योग विभाग को ट्रांसफर किया जा चुका है। पटना की ललित नारायण मिश्रा इंस्टिट्यूट (LNMI) की टीम को जांच की जिम्मेदारी दी गई है। टीम ने वहां जाकर फील्ड वेरिफिकेशन और प्रभावित 24 जमीन मालिकों से बातचीत भी शुरू कर दी है।
किसानों को मुआवजा कितना मिलेगा और युवाओं को क्या लाभ होगा?
जमीन देने वाले रैयतों के लिए मुआवजे की बात करें तो सरकार ने नियम साफ कर दिए हैं। 2013 के भूमि अधिग्रहण कानून के तहत, किसानों को ग्रामीण इलाके के सरकारी रेट (MVR) का चार गुना (4x) मुआवजा दिया जाएगा। अभी वहां आम तौर पर जमीन की कीमत 3.5 लाख से 21 लाख रुपये तक है, लेकिन मुआवजा सरकारी दर के हिसाब से तय होगा।
डीएम ने बताया है कि यह प्रोजेक्ट जनता की भलाई के लिए है। यहाँ इंडस्ट्रियल यूनिट्स लगने से सिल्क, टेक्सटाइल या फूड प्रोसेसिंग जैसे उद्योग आएंगे। इससे भागलपुर के हजारों युवाओं को अपने ही शहर में रोजगार मिलेगा और उन्हें काम के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। सर्वे रिपोर्ट पूरी करने के लिए 21 फरवरी 2026 तक का समय दिया गया है।






