भागलपुर के गोराडीह में मेगा औद्योगिक पार्क बनाने की दिशा में काम तेज़ी से आगे बढ़ रहा है. इस पार्क के लिए अतिरिक्त 13.45 एकड़ रैयती जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा, जिससे इलाके में विकास की नई राहें खुलेंगी और लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे.
जमीन अधिग्रहण और सर्वे की प्रक्रिया शुरू
इस औद्योगिक पार्क के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. कुल 13.45 एकड़ रैयती जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा, जो 24 रैयतों से संबंधित है. इस प्रक्रिया से पहले आर्थिक और सामाजिक अध्ययन (SIA) कराया जा रहा है. एलएन मिश्रा आर्थिक विकास एवं सामाजिक परिवर्तन संस्थान, पटना के विशेषज्ञ रणधीर प्रसाद सिंह ने ग्रामीणों से फीडबैक लिया है, ताकि अधिग्रहण से जुड़े हर पहलू को समझा जा सके.
मुआवजे को लेकर लोगों की मांग
स्थानीय लोगों की मुख्य मांग है कि उन्हें जमीन के बदले जमीन, जमीन के बदले नौकरी, या फिर अधिकतम मुआवजा मिले. प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि जिस दर पर जमीन की रजिस्ट्री हुई है, या कराई जाती है, उसके चार गुना अधिक मुआवजा दिया जाएगा. यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि जमीन देने वालों के साथ न्याय हो और उन्हें उचित लाभ मिल सके.
कहां होगी पार्क की स्थापना और पूर्व के प्रस्ताव
औद्योगिक पार्क का निर्माण गोराडीह अंचल के मोहनपुर मौजा संख्या 476 में उत्क्रमित उच्च विद्यालय मोहनपुर के पास खाली पड़ी जमीन पर होगा. पहले गोराडीह अंचल के मेहेनपुर मौजा के थाना संख्या 64, खेसरा संख्या 58 में 50.23 एकड़ और खेसरा संख्या 62 में 46.66 एकड़ जमीन पर औद्योगिक कॉरिडोर बनाने के लिए उद्योग विभाग को निःशुल्क अंतरविभागीय स्थायी हस्तांतरण की स्वीकृति दी गई थी. हालांकि, यह शर्त भी थी कि अगर औद्योगिक कॉरिडोर का निर्माण नहीं होता तो जमीन राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग को वापस हो जाएगी.
जमीन संबंधी प्रस्ताव की वर्तमान स्थिति
प्रमंडलीय आयुक्त के माध्यम से जून में 97 एकड़ का प्रस्ताव औद्योगिक कॉरिडोर के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग को भेजा गया था. इससे पहले 117 एकड़ 18 डिसमिल का प्रस्ताव भी भेजा गया था, लेकिन 155 लोगों के नाम से जमाबंदी का मामला सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने उस प्रस्ताव को वापस ले लिया था. इसके बाद जमीन की जांच के लिए जिलाधिकारी के द्वारा तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया. कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद अब 96.89 एकड़ का प्रस्ताव भेजा गया है.






