भागलपुर में 2 बड़े क्लीनिक सील, जंग लगे कैंची और एक्सपायरी इंजेक्शन से मरीजों की जान से हो रहा था खिलवाड़

Pooja Kanjani26 February 20262 min read8 viewsCity Local
भागलपुर में 2 बड़े क्लीनिक सील, जंग लगे कैंची और एक्सपायरी इंजेक्शन से मरीजों की जान से हो रहा था खिलवाड़

भागलपुर में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए रिहायशी इलाकों में चल रहे दो अवैध क्लीनिकों को सील कर दिया है। भीखनपुर और मुंडीचक में चल रहे इन सेंटरों पर मरीजों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा था। जांच में वहां जंग लगे सर्जिकल टूल्स और भारी मात्रा में एक्सपायरी इंजेक्शन बरामद हुए हैं।

ऑपरेशन थिएटर में जंग लगे औजार और एक्सपायरी इंजेक्शन

सदर अस्पताल के प्रभारी डॉ. राजू और मैनेजर आशुतोष कुमार के नेतृत्व में जब टीम भीखनपुर स्थित ‘मां दुर्गा पॉली क्लीनिक’ पहुंची, तो वहां की हालत डरावनी थी। ऑपरेशन थिएटर में रखी मेज और कैंची जैसे औजारों पर जंग लगा हुआ था। डॉक्टरों के मुताबिक, ऐसे औजारों से ऑपरेशन करने पर मरीजों को गंभीर इन्फेक्शन (Sepsis) हो सकता है।

इसके साथ ही वहां ‘Tetvac’ (टिटनेस) के बहुत सारे एक्सपायरी इंजेक्शन मिले। मेडिकल एक्सपर्ट्स ने बताया कि एक्सपायरी इंजेक्शन लगाने से मरीज को एनाफिलेक्सिस हो सकता है, जिससे बीपी अचानक गिर सकता है और जान भी जा सकती है। मुंडीचक में तो एक खटिया और सलाइन स्टैंड लगाकर ही ‘अस्पताल’ चलाया जा रहा था, जहाँ इमरजेंसी की कोई सुविधा नहीं थी।

डॉ. प्रीति कुमारी के नाम पर जांच और एफआईआर

छापेमारी में एक संदिग्ध बात सामने आई है। यहां की पर्चियों पर ‘डॉ. प्रीति कुमारी’ का नाम लिखा मिला। स्वास्थ्य विभाग अब यह पता लगा रहा है कि यह कोई असली डॉक्टर हैं या फर्जी नाम है। पहले भी अलीगंज और अन्य इलाकों में इस नाम से जुड़े क्लीनिकों में लापरवाही से गर्भवती महिलाओं की मौत हो चुकी है।

  • दोनों क्लीनिक Clinical Establishment Act के तहत रजिस्टर्ड नहीं थे।
  • मौके पर इलाज के लिए कोई भी डिग्रीधारी डॉक्टर मौजूद नहीं था।
  • स्वास्थ्य विभाग अब इन संचालकों पर FIR दर्ज करवा रहा है।
  • जिले भर में झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
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