भागलपुर के बाईपास थाना क्षेत्र अंतर्गत बैजानी, रामनगर में एक दुखद घटना सामने आई है। यहां रहने वाले एक 23 वर्षीय मजदूर दौलत दास की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। बताया जा रहा है कि जहरीला पदार्थ खाने की वजह से उनकी जान गई है। घटना के बाद से परिवार में कोहराम मचा हुआ है और स्थानीय लोग भी सकते में हैं। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
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क्या है पूरा मामला?
मृतक के परिजनों ने बताया कि दौलत दास, जो जगेश्वर दास के पुत्र थे, गुरुवार की शाम अपना काम खत्म करके घर लौटे थे। घर लौटने के थोड़ी देर बाद ही उनकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी और उन्हें उल्टियां होने लगीं। स्थिति को गंभीर देखते हुए परिवार वाले उन्हें तुरंत इलाज के लिए जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल (Mayaganj Hospital) लेकर भागे।
अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में उनका इलाज शुरू किया गया, लेकिन उनकी हालत में सुधार नहीं हो पाया। शुक्रवार को इलाज के दौरान दौलत दास ने दम तोड़ दिया। यह घटना गुरुवार रात करीब 8 बजे के आसपास शुरू हुई थी जब वह काम से वापस आए थे।
पुलिस जांच और सरकारी नियम
घटना की सूचना मिलते ही बाईपास थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की छानबीन शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि जहरीला पदार्थ गलती से खाया गया या इसके पीछे कोई और वजह है। फिलहाल पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है ताकि मौत का सही कारण स्पष्ट हो सके।
बिहार सरकार के लेबर कानूनों के तहत, अगर कोई मजदूर निबंधित होता है तो उसे ऐसी घटनाओं में सहायता मिल सकती है:
- दुर्घटना में मौत: अगर मजदूर का रजिस्ट्रेशन है, तो परिवार को 4 लाख रुपये तक की सहायता मिल सकती है।
- सामान्य या संदिग्ध मौत: अगर जांच में यह दुर्घटना नहीं मानी जाती है, तो भी निबंधित मजदूर के परिवार को 2 लाख रुपये तक मिल सकते हैं।
- जरूरी कागज: इसके लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मृत्यु प्रमाण पत्र और FIR की कॉपी जरूरी होती है।






