भागलपुर नगर निगम ने शहर के उन लोगों को आखिरी चेतावनी जारी की है जिन्होंने बिना नक्शा पास कराए अपना मकान बना लिया है। ऐसे भवन मालिकों को कागजी कार्रवाई पूरी करने के लिए निगम एक खास मौका दे रहा है। 2 फरवरी से ‘भवन मानचित्र सत्यापन शिविर’ शुरू किया जा रहा है जो चार हफ्तों तक चलेगा। अगर इस दौरान नक्शा पास नहीं कराया गया तो निगम सख्त कार्रवाई करेगा।

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कैंप का मकसद और नियम

नगर आयुक्त Kislay Kushwaha ने साफ किया है कि बिहार म्युनिसिपल एक्ट 2007 के तहत बिना स्वीकृत नक्शे के निर्माण करना गैरकानूनी है। यह कैंप 4 सप्ताह तक चलेगा ताकि लोग आसानी से अपने आवेदन जमा कर सकें। कैंप खत्म होने के बाद निगम की टीम जांच करेगी और जिन भवनों का नक्शा पास नहीं होगा, उन पर धारा 316 और 217 के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसमें निर्माण कार्य को रोकना और बिल्डिंग को सील करना शामिल है।

50 इमारतों की लिस्ट तैयार

निगम ने कार्रवाई के लिए पहले ही शहर की 50 से ज्यादा इमारतों की पहचान कर ली है। इसमें सबसे ज्यादा सख्ती उन भवनों पर होगी जहां बेसमेंट का इस्तेमाल पार्किंग की जगह दुकानों या अन्य काम के लिए किया जा रहा है। ऐसे मालिकों को चेतावनी दी गई है कि वे बेसमेंट को तुरंत पार्किंग के रूप में बहाल करें वरना बिल्डिंग सील कर दी जाएगी।

फीस और जुर्माने की जानकारी

अगर आप समय रहते नक्शा पास नहीं कराते हैं तो भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। नियमों के अनुसार कुछ प्रमुख दरें और जुर्माने इस प्रकार हैं:

  • परमिट फीस: आवासीय भवनों के लिए 12 से 25 रुपये प्रति वर्ग मीटर।
  • जुर्माना: बिना नक्शा निर्माण पर 1 लाख से 10 लाख रुपये तक का दंड।
  • लेबर सेस: कुल निर्माण लागत का 1 प्रतिशत।

नागरिकों से अपील है कि वे इस कैंप का फायदा उठाएं और किसी भी तरह की कानूनी कार्रवाई से बचें।

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