भागलपुर जिले के नाथनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत अजमेरीपुर बैरिया गांव में बुधवार की शाम खाना बनाने के दौरान गैस सिलेंडर लीक होने से भीषण आग लग गई। इस घटना में दो घर पूरी तरह जलकर राख हो गए। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि आसपास के लोगों में भगदड़ मच गई। हालांकि, एक छात्र की बहादुरी ने मौके पर बड़ा हादसा होने से रोक लिया, नहीं तो दर्जनों घर इस आग की चपेट में आ सकते थे।
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लाखों का कैश और घर का सामान जलकर खाक
आग सबसे पहले अमित मंडल के घर में लगी, जिसने देखते ही देखते पड़ोसी कांतिलाल मंडल के घर को भी अपनी चपेट में ले लिया। स्थानीय लोगों और दमकल की गाड़ियों को आग बुझाने में करीब दो घंटे की मशक्कत करनी पड़ी। कांतिलाल मंडल की पत्नी सुनीता देवी ने बताया कि इस हादसे में उनका सब कुछ बर्बाद हो गया।
पीड़ित परिवार के अनुसार:
- घर में रखा सारा अनाज, कपड़े और फर्नीचर जल गया है।
- लोन चुकाने के लिए रखे गए करीब 5 लाख रुपये कैश भी आग में जल गए।
- अमित मंडल और कांतिलाल मंडल दोनों के घर पूरी तरह तबाह हो गए हैं।
छात्र ने जान पर खेलकर कैसे टाला बड़ा ब्लास्ट?
आग लगने के दौरान जब लोग जान बचाने के लिए भाग रहे थे, तभी गांव के ही एक छात्र चंद्रमोहन कुमार (उर्फ सनोज) ने अदम्य साहस दिखाया। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे चंद्रमोहन जलते हुए घर के अंदर घुस गए और आग उगल रहे गैस सिलेंडर को उठाकर बाहर खुले में फेंक दिया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर वह सिलेंडर घर के अंदर फट जाता, तो आसपास के कई पक्के मकान भी गिर सकते थे। इस साहसिक कार्य में चंद्रमोहन के हाथ और पैर मामूली रूप से झुलस गए हैं और उनका इलाज एक निजी क्लिनिक में चल रहा है। गनीमत यह रही कि आग लगने के वक्त घर में मौजूद सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था।






