भागलपुर में अब खुले में मांस और मछली बेचना दुकानदारों को भारी पड़ने वाला है। नगर निगम प्रशासन ने शहर में चल रही अवैध और बिना मानक वाली दुकानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। बिहार सरकार के नगर विकास एवं आवास विभाग से मिले निर्देश के बाद यह फैसला लिया गया है। अब सड़क किनारे खुले में मांस टांगकर बेचने वालों पर तुरंत रोक लगाई जाएगी और जो दुकानदार नियमों का पालन नहीं करेंगे, उनकी दुकानें सील कर दी जाएंगी।
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क्या हैं मांस-मछली बिक्री के नए नियम?
नगर निगम ने साफ कर दिया है कि मांस की बिक्री अब पर्दे के पीछे या काले शीशे वाली दुकानों के अंदर ही होगी। आम लोगों की भावनाओं और स्वास्थ्य को देखते हुए ये नियम बनाए गए हैं। दुकानदारों को इन बातों का खास ख्याल रखना होगा:
- दुकानों के आगे काला शीशा या अपारदर्शी पर्दा लगाना अनिवार्य है ताकि मांस सड़क से न दिखे।
- धार्मिक स्थलों (मंदिर-मस्जिद) और शिक्षण संस्थानों से दुकान की दूरी 50 से 100 मीटर होनी चाहिए।
- दुकान का फर्श पक्का होना चाहिए और वहां साफ-सफाई की पूरी व्यवस्था होनी चाहिए।
- मांस को खुले में टांगने के बजाय फ्रिज या फ्रीजर में रखना जरूरी है।
- कचरा और खून बहाने के लिए वैज्ञानिक तरीके से ड्रेनेज सिस्टम होना चाहिए।
नियम तोड़ने पर कितना लगेगा जुर्माना?
नगर आयुक्त Kislay Kushwaha के नेतृत्व में टीम ने शहर में हजारों दुकानों का सर्वे किया है। अगर कोई दुकानदार बिना लाइसेंस के या खुले में मांस बेचते पकड़ा गया, तो उस पर सख्त कार्रवाई होगी।
- नियम तोड़ने पर तुरंत 5000 रुपये का स्पॉट फाइन वसूला जाएगा।
- Bihar Municipality Act की धारा 345(4) के तहत दुकान को सील कर दिया जाएगा।
- अवैध दुकानों को नोटिस भेजे जा चुके हैं और लाइसेंस लेने के लिए अंतिम मौका दिया जा रहा है।
- मेयर डॉ. बसुंधरा लाल ने स्पष्ट किया है कि गर्मी में फैलने वाली बीमारियों और गंदगी को रोकने के लिए यह कदम उठाना जरूरी था।






