भागलपुर शहर में रविवार को एक अजीब मामला सामने आया, जहां एक काले रंग की Mahindra Thar गाड़ी तीन घंटे तक सड़कों पर दौड़ती रही। इस गाड़ी पर लाल रंग का बड़ा सा बोर्ड लगा था जिस पर ‘रंगबाज’ लिखा हुआ था। सुजागंज कार्मिक संघ के प्रतीक झुनझुनवाला ने प्रशासन की लापरवाही दिखाने के लिए यह अनोखा तरीका अपनाया। हैरानी की बात यह रही कि शहर के मुख्य चौराहों से गुजरने के बाद भी किसी ट्रैफिक पुलिसकर्मी ने गाड़ी को रोकने की कोशिश नहीं की।
क्यों किया गया ऐसा अनोखा प्रदर्शन?
प्रतीक झुनझुनवाला अपनी गाड़ी लेकर शहर के सबसे व्यस्त इलाकों और सुजागंज बाजार से गुजरे। उनका मकसद यह बताना था कि शहर में ट्रैफिक नियम का पालन कितनी सख्ती से हो रहा है। अक्सर देखा जाता है कि लाल प्लेट या वीआईपी जैसे शब्द लिखी गाड़ियों को पुलिस नहीं रोकती है। इसी बात को साबित करने के लिए उन्होंने यह सिंबॉलिक प्रोटेस्ट किया। तीन घंटे तक शहर में घूमने के बावजूद प्रशासन की नजर उन पर नहीं पड़ी, जो स्मार्ट सिटी की निगरानी व्यवस्था को लेकर अब चर्चा का विषय बन गया है।
नियम तोड़ने पर क्या है सजा का प्रावधान?
मोटर व्हीकल एक्ट के तहत निजी गाड़ियों पर पदनाम या फैंसी शब्द लिखना मना है। यह प्रदर्शन भले ही सिस्टम की पोल खोलने के लिए था, लेकिन नियमों के अनुसार ऐसे मामलों में चालान काटा जा सकता है।
- फैंसी या अवैध नंबर प्लेट लगाने पर धारा 192 के तहत 5,000 रुपये का जुर्माना लग सकता है।
- निजी वाहन पर लाल प्लेट का इस्तेमाल करने पर 1,000 से 2,500 रुपये तक का चालान और गाड़ी जब्त हो सकती है।
- गाड़ी पर अनाधिकृत स्टीकर या ‘रंगबाज’ जैसे शब्द लिखने पर भी अलग से जुर्माना भरना पड़ सकता है।






