भागलपुर पुलिस ने सुल्तानगंज थाना क्षेत्र में हुए चर्चित गोलीकांड का सफलतापूर्वक उद्भेदन कर लिया है। पुलिस ने घटना के महज 48 घंटे के भीतर कार्रवाई करते हुए तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। सिटी एसपी शैलेंद्र सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि यह मामला दो पक्षों के बीच चल रही पुरानी रंजिश का नतीजा था।
पुलिस ने किन आरोपियों को गिरफ्तार किया है?
पुलिस ने छापेमारी के दौरान घटना में शामिल तीन लोगों को पकड़ा है। इनकी निशानदेही पर पुलिस ने हथियार भी बरामद किए हैं। गिरफ्तार अपराधकर्मियों के नाम और बरामदगी की जानकारी नीचे दी गई है:
- विनोद यादव: राजेंद्र यादव का पुत्र।
- पिंकू यादव उर्फ बहीरा: गिरीश यादव का पुत्र।
- निकेश यादव: राजेंद्र यादव का पुत्र।
- बरामद सामान: 1 देसी कट्टा, 10 जिंदा कारतूस, 1 खोखा और 1 मोबाइल।
सुल्तानगंज थानाध्यक्ष मृत्युंजय कुमार और उनकी टीम ने यह कार्रवाई की है। वहीं, घायल मदन यादव का इलाज अस्पताल में चल रहा है और उनकी हालत खतरे से बाहर है।
घटना के पीछे की असली वजह क्या थी?
पुलिस जांच में सामने आया है कि यह विवाद आज का नहीं बल्कि 16 साल पुराना है। दोनों परिवारों के बीच साल 2010 से ही बदला लेने का सिलसिला चल रहा है। बताया जा रहा है कि मदन यादव द्वारा पुराने मर्डर केस को वापस न लेने के कारण उन पर यह हमला किया गया था।
हालांकि, गिरफ्तार आरोपियों में से पिंकू यादव ने दावा किया है कि वह घटना के वक्त बेकसूर था और एक टेंट हाउस में काम कर रहा था। उसने पुलिस से सीसीटीवी फुटेज जांचने की मांग की है। फिलहाल पुलिस ने तीनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है और अन्य बिंदुओं पर जांच जारी है।






