भागलपुर में लंबे समय से चल रहे भोलानाथ फ्लाईओवर के निर्माण कार्य ने अब रफ्तार पकड़ ली है। 30 जनवरी शुक्रवार को इशाकचक इलाके में सबसे महत्वपूर्ण पिलर नंबर 9 और 10 को खड़ा करने का काम शुरू कर दिया गया। घनी आबादी और कम जगह होने के कारण यहां काम करना मुश्किल था, जिसके लिए अब विशेष तकनीक अपनाई जा रही है।
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रेलवे पुल के पास कैसे हो रहा है काम?
यह निर्माण कार्य भोलानाथ और बौंसी रेलवे पुल के बीच के हिस्से में हो रहा है। चूंकि यहां जगह काफी संकरी है, इसलिए सामान्य बड़ी पाइलिंग मशीनें यहां नहीं आ सकती थीं। निर्माण एजेंसी ने राजस्थान से चार छोटी पाइलिंग मशीनें मंगवाई हैं जो कम जगह में भी आसानी से काम कर सकती हैं।
रेलवे ट्रैक के करीब काम होने की वजह से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। मालदा डिवीजन के रेलवे इंजीनियर खुद मौके पर मौजूद रहकर काम की निगरानी कर रहे हैं। इस हिस्से में कुल पांच पिलर बनाए जाने हैं, और इसके लिए प्रशासन पूरी सावधानी बरत रहा है।
कब तक बनकर तैयार होगा फ्लाईओवर?
अधिकारियों के मुताबिक, सभी 42 पिलर खड़े करने का लक्ष्य मई 2026 तक रखा गया है। एक बार पिलर का काम पूरा हो जाने के बाद, उनके ऊपरी हिस्से यानी ‘हैमरहेड’ का निर्माण शुरू होगा। रेलवे से मंजूरी मिलने में हुई देरी के कारण प्रोजेक्ट को एक साल का समय विस्तार दिया गया है। अब इसके 2026 के अंत या 2027 की शुरुआत तक पूरा होने की उम्मीद है।
प्रोजेक्ट से जुड़ी खास बातें:
- कुल लंबाई: 1392 मीटर (दो लेन)
- कुल लागत: लगभग 87 करोड़ रुपये (निर्माण कार्य)
- पिलर की संख्या: 42 (19 पिलर जोड़े जा चुके हैं)
- ट्रैफिक स्थिति: काम के चलते अभी लोगों को 1 से 1.5 किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ रहा है।






