बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने 17 फरवरी से शुरू होने वाली मैट्रिक परीक्षा के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं। बोर्ड ने साफ कर दिया है कि परीक्षार्थी परीक्षा केंद्र के अंदर जूता और मोजा पहनकर नहीं जा सकेंगे। सभी छात्रों को केवल चप्पल पहनकर ही परीक्षा हॉल में प्रवेश मिलेगा। इसके अलावा, बोर्ड ने परीक्षा शुरू होने से 30 मिनट पहले गेट बंद करने का सख्त आदेश दिया है। इस बार नियमों में लापरवाही बरतने वालों पर कड़ी कार्रवाई की तैयारी है।
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परीक्षा केंद्र में प्रवेश का समय और नियम
बोर्ड ने परीक्षा केंद्र पर पहुंचने के समय को लेकर बहुत सख्ती बरती है। परीक्षार्थियों को हर हाल में परीक्षा शुरू होने के एक घंटा पहले केंद्र पर पहुंचना होगा। गेट परीक्षा शुरू होने के ठीक 30 मिनट पहले पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा, जिसके बाद किसी को भी अंदर जाने की अनुमति नहीं मिलेगी।
| शिफ्ट | परीक्षा का समय | प्रवेश बंद होने का समय |
|---|---|---|
| पहली पाली | सुबह 9:30 बजे | सुबह 9:00 बजे |
| दूसरी पाली | दोपहर 2:00 बजे | दोपहर 1:30 बजे |
जबरदस्ती घुसने पर होगी जेल और 2 साल की पाबंदी
अगर कोई छात्र गेट बंद होने के बाद दीवार फांदकर या जबरदस्ती अंदर घुसने की कोशिश करता है, तो उसे ‘क्रिमिनल ट्रेसपास’ माना जाएगा। ऐसे छात्रों को पकड़कर पुलिस को सौंपा जाएगा और उन पर एफआईआर दर्ज हो सकती है। सबसे बड़ी सजा यह होगी कि ऐसे छात्र अगले दो साल तक किसी भी बोर्ड परीक्षा में शामिल नहीं हो पाएंगे। बोर्ड ने सभी जिला प्रशासन को ऐसे मामलों में तुरंत कार्रवाई करने का आदेश दिया है।
15 लाख से ज्यादा छात्र देंगे परीक्षा
इस साल मैट्रिक परीक्षा में कुल 15,12,963 परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं। बोर्ड अध्यक्ष आनंद किशोर ने सभी जिला प्रशासन को सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने को कहा है। इंटर परीक्षा के दौरान भी कई जिलों में नकल करते हुए छात्र पकड़ाए हैं, इसलिए मैट्रिक में चेकिंग और भी कड़ी होगी। परीक्षार्थियों की दो बार फ्रिस्किंग यानी तलाशी ली जाएगी ताकि कोई भी इलेक्ट्रॉनिक गैजेट या चिट अंदर न जा सके।






