बिहार सरकार का बड़ा फैसला, बुद्ध सर्किट की तर्ज पर अब बनेगा ‘Shiv Circuit’, सभी प्राचीन मंदिर जुड़ेंगे

Hariom Mishra26 February 20262 min read5 viewsBihar
बिहार सरकार का बड़ा फैसला, बुद्ध सर्किट की तर्ज पर अब बनेगा ‘Shiv Circuit’, सभी प्राचीन मंदिर जुड़ेंगे

बिहार सरकार ने राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने और शिव भक्तों की सुविधा के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। विधानसभा में पथ निर्माण मंत्री Dilip Jaiswal ने ऐलान किया कि बुद्ध और रामायण सर्किट की तर्ज पर अब बिहार में ‘Shiv Circuit’ का निर्माण किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट के तहत राज्य के सभी पौराणिक महत्व वाले शिव मंदिरों को एक मजबूत रोड नेटवर्क से जोड़ा जाएगा ताकि श्रद्धालु आसानी से दर्शन कर सकें।

किन मंदिरों को जोड़ने की है तैयारी?

सरकार ने सभी विधायकों से उनके क्षेत्र के प्राचीन शिव मंदिरों की जानकारी मांगी है ताकि एक विस्तृत लिस्ट तैयार की जा सके। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इस सर्किट में कई बड़े मंदिरों को शामिल किया जाएगा। इससे सुल्तानगंज से लेकर अरेराज तक के भक्तों को सीधा लाभ मिलेगा। प्रमुख मंदिरों की संभावित लिस्ट इस प्रकार है:

  • हरिहरनाथ मंदिर (Sonepur)
  • अजगैबीनाथ मंदिर (Sultanganj)
  • सिंहेश्वर नाथ मंदिर (Madhepura)
  • सोमेश्वर नाथ मंदिर (Areraj)
  • कुशेश्वर स्थान (Darbhanga)
  • मुंडेश्वरी देवी मंदिर (Kaimur)
  • अशोक धाम (Lakhisarai)

केंद्र सरकार से मिलेगी मंजूरी

इस योजना को धरातल पर उतारने के लिए पथ निर्माण विभाग पहले एक डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार करेगा। इसके बाद इसे मंजूरी और आर्थिक मदद के लिए केंद्र सरकार के सड़क परिवहन मंत्रालय के पास भेजा जाएगा। मंत्री ने बताया कि एनडीए विधायकों की मांग पर यह फैसला लिया गया है और इसके लिए जल्द ही एक बैठक भी बुलाई जाएगी।

कांवरियों के लिए बनेगा सुरक्षित रास्ता

सावन के महीने में सड़कों पर पैदल चलने वाले कांवरियों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है। ‘Shiv Circuit’ के तहत डेडिकेटेड कांवर पथ बनाने की भी योजना है, ताकि पैदल यात्रियों को गाड़ियों के ट्रैफिक से अलग एक सुरक्षित रास्ता मिल सके। इससे सड़क हादसों में कमी आएगी और स्थानीय स्तर पर होटल, ट्रांसपोर्ट और हैंडीक्राफ्ट जैसे व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा।

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