बिहार के मुजफ्फरपुर समेत कई जिलों में रसोई गैस सिलेंडर की भारी किल्लत हो गई है। 11 मार्च 2026 से संकट इतना बढ़ गया है कि गैस एजेंसियों ने होम डिलीवरी पूरी तरह बंद कर दी है। उपभोक्ता गैस गोदामों के चक्कर काट रहे हैं लेकिन वहां से भी उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। गैस की इस कमी के पीछे सप्लाई चेन में आई रुकावट और अंतरराष्ट्रीय तनाव को मुख्य वजह बताया जा रहा है।
गैस के दाम और बुकिंग के नए नियम
पेट्रोलियम मंत्रालय ने गैस की जमाखोरी और अफरा-तफरी को रोकने के लिए बुकिंग के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब उपभोक्ता 21 दिन की जगह 25 दिन के अंतराल पर ही अपना अगला सिलेंडर बुक कर सकेंगे। बिहार में गैस की कीमतें बढ़ने से आम आदमी की जेब पर सीधा बोझ पड़ा है। घरेलू सिलेंडर के दाम में करीब 60 रुपये की बढ़ोतरी हुई है।
| विवरण | नया अपडेट |
|---|---|
| घरेलू सिलेंडर (14.2 kg) | ₹1,010 – ₹1,011 |
| कमर्शियल सिलेंडर (19 kg) | ₹2,120 |
| बुकिंग के बीच का गैप | 25 दिन |
| सप्लाई उपलब्धता | 75 प्रतिशत |
सप्लाई कम होने की मुख्य वजह
गैस एजेंसियों का कहना है कि उन्हें बॉटलिंग प्लांट से उनकी जरूरत का पूरा कोटा नहीं मिल पा रहा है। पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के कारण Strait of Hormuz से होने वाली शिपमेंट पर असर पड़ा है। भारत अपनी जरूरत का 80 से 90 प्रतिशत LPG इसी समुद्री रास्ते से मंगाता है। भारत सरकार ने आवश्यक वस्तु अधिनियम लागू कर दिया है ताकि घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी जा सके। स्थानीय स्तर पर सिलेंडर की कमी की वजह से ब्लैक मार्केट में कीमतें 1500 रुपये तक पहुंचने की खबरें आ रही हैं।






