बिहार सरकार ने Student Credit Card योजना का लाभ लेने वाले छात्रों के लिए नियम सख्त कर दिए हैं। शिक्षा विभाग ने इसे लेकर सभी जिलों के District Magistrates को निर्देश जारी कर दिया है। विभाग के नोडल पदाधिकारी Vinayak Mishra ने बताया कि अब लोन के लिए आवेदन करते समय छात्रों को कुछ नए दस्तावेज जमा करने होंगे ताकि फर्जीवाड़ा रोका जा सके। यह फैसला तुरंत प्रभाव से लागू करने को कहा गया है।

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हाथ से लिखकर देना होगा यह भरोसा

नए आदेश के अनुसार, अब छात्रों या उनके को-एप्लीकेंट को एक Self-declaration यानी स्वघोषणा पत्र देना होगा। यह पत्र टाइप किया हुआ नहीं, बल्कि खुद के हाथ से लिखा होना चाहिए। इसमें छात्र को साफ-साफ लिखना होगा कि उन्हें पता है कि यह सरकारी राशि एक कर्ज (Loan) है, जिसे पढ़ाई पूरी होने के बाद वापस चुकाना होगा। अक्सर कई एजेंट और संस्थान छात्रों को यह कहकर गुमराह कर देते थे कि यह सरकारी मदद या स्कॉलरशिप है, जिसे वापस नहीं करना है। इसी भ्रम को दूर करने के लिए सरकार ने यह लिखवाना जरूरी समझा है।

इन दस्तावेजों के बिना नहीं आगे बढ़ेगी फाइल

सिर्फ घोषणा पत्र ही नहीं, अब कॉलेज या यूनिवर्सिटी का एडमिशन रसीद भी बहुत पक्का होना चाहिए। रसीद पर एडमिशन नंबर, कोर्स का नाम, सेशन और छात्र के माता-पिता का नाम साफ लिखा होना चाहिए। इसके अलावा यूनिवर्सिटी का Registration Slip भी अब DRCC वेरिफिकेशन के समय या लोन एग्रीमेंट से पहले देना जरूरी कर दिया गया है।

  • हैंड रिटन डिक्लेरेशन: यह मानने के लिए कि पैसा लोन है।
  • पक्की रसीद: जिस पर एडमिशन नंबर और सत्र लिखा हो।
  • रजिस्ट्रेशन स्लिप: यूनिवर्सिटी में नाम दर्ज होने का सबूत।

सरकार ने यह कदम इसलिए उठाया है क्योंकि 2025-26 सेशन के लिए बहुत ज्यादा आवेदन आ रहे हैं और बिचौलिए छात्रों को गलत जानकारी देकर फंसा रहे हैं। यह योजना 12वीं पास छात्रों को आगे की पढ़ाई के लिए 4 लाख रुपये तक की मदद देती है।


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