बिहार के दरभंगा में बर्ड फ्लू (Avian Influenza) की आधिकारिक पुष्टि होने के बाद पूरे जिले में हड़कंप मच गया है। भोपाल स्थित प्रयोगशाला से शुक्रवार, 30 जनवरी 2026 को रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद प्रशासन ने तुरंत कड़े कदम उठाए हैं। भिगो मोहल्ला स्थित मुक्तिधाम श्मशान घाट के पास करीब एक हजार मृत कौओं को जमीन में दफना दिया गया है। जिलाधिकारी कौशल कुमार ने आदेश जारी करते हुए प्रभावित जगह के 1 किलोमीटर के दायरे को ‘इन्फेक्टेड जोन’ घोषित कर दिया है ताकि संक्रमण और न फैले।

प्रशासन ने कैसे की कार्रवाई और क्या हैं निर्देश?

रिपोर्ट मिलते ही नगर निगम और पशुपालन विभाग की संयुक्त टीम एक्शन में आ गई। पीपीई किट पहने कर्मचारियों ने जेसीबी मशीन की मदद से एक गहरा गड्ढा खोदा और चूना-ब्लीचिंग पाउडर डालकर सभी मृत पक्षियों को वैज्ञानिक तरीके से दफनाया। प्रशासन ने लोगों को सख्त हिदायत दी है कि वे मरे हुए या बीमार पक्षियों के पास न जाएं। साथ ही 9 किलोमीटर के दायरे को निगरानी क्षेत्र (Surveillance Zone) बनाया गया है, जहां स्वास्थ्य विभाग की पैनी नजर रहेगी।

चिकन और अंडा खाने वालों के लिए जरूरी सलाह

बर्ड फ्लू की खबर फैलते ही लोगों के मन में चिकन और अंडा खाने को लेकर डर बैठ गया है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग ने साफ किया है कि सही तरीके से पकाया गया भोजन सुरक्षित है। विभाग ने कुछ मुख्य बातें ध्यान में रखने को कहा है:

  • चिकन और अंडों को 70 डिग्री सेल्सियस या उससे ज्यादा तापमान पर अच्छी तरह पकाकर ही खाएं।
  • अधपका मांस या ‘हाफ फ्राय’ अंडा खाने से फिलहाल बचें।
  • कच्चे मांस को छूने के बाद साबुन से हाथ जरूर धोएं।
  • जिले के सभी पोल्ट्री फार्मों की जांच के लिए डॉक्टरों की टीम तैनात कर दी गई है।

बाजार पर असर: चिकन के दाम धड़ाम

इस बीमारी की पुष्टि होते ही बाजार पर इसका सीधा असर देखने को मिला है। दरभंगा और आसपास के इलाकों में चिकन और अंडों की बिक्री में 20% से 40% तक की भारी गिरावट आई है। दुकानदारों के मुताबिक, पिछले 48 घंटों में मुर्गियों के दाम 10 से 20 रुपये प्रति किलो तक गिर गए हैं। स्थानीय पार्षदों का कहना है कि जिले में मरने वाले कौओं की संख्या 10,000 तक हो सकती है, जिससे लोग डरे हुए हैं। प्रशासन लगातार अपील कर रहा है कि लोग अफवाहों से बचें और सिर्फ आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें।

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