बिहार की राजधानी पटना में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जेपी गंगा पथ यानी मरीन ड्राइव पर कई नई सुविधाओं को विकसित करने का निर्देश दिया है। 9 जनवरी 2026 को किए गए निरीक्षण के दौरान सीएम ने अधिकारियों को साफ तौर पर कहा कि गंगा के किनारे सुरक्षा और सुंदरता दोनों का ध्यान रखा जाए। सरकार का लक्ष्य इसे शहर का सबसे प्रमुख दर्शनीय स्थल बनाना है।
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मरीन ड्राइव पर मिलेंगी ये खास सुविधाएं
मुख्यमंत्री ने निरीक्षण के दौरान जेपी गंगा पथ के किनारे लैंडस्केपिंग और बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण करने का निर्देश दिया है। पर्यटकों के लिए यहां क्या खास होगा, इसके लिए कुछ मुख्य बिंदुओं पर काम करने को कहा गया है:
- रास्ते में 20 फीट ऊंचे आकर्षक गेट लगाए जाएंगे।
- लोगों के खाने-पीने के लिए फूड पार्क्स (Food Parks) बनाए जाएंगे।
- युवाओं और पर्यटकों के लिए विशेष सेल्फी पॉइंट्स विकसित किए जाएंगे।
- नदी के किनारे सुरक्षा के कड़े इंतजाम होंगे।
गार्डन और थीम पार्क पर तेजी से चल रहा काम
पटना में पर्यटन को लेकर जिला प्रशासन भी काफी सक्रिय है। 6 जनवरी को पटना डीएम ने जेपी गंगा पथ होलिस्टिक गार्डन के फेज-1 का निरीक्षण किया, जो दीघा से गांधी मैदान तक 7 किलोमीटर में फैला है। इस प्रोजेक्ट की लागत करीब 387.40 करोड़ रुपये है। इसके साथ ही देशरत्न डॉ. राजेंद्र प्रसाद बिहार गौरव उद्यान में ‘वेस्ट-टू-वंडर’ थीम पार्क भी बनाया जा रहा है, जो 10 एकड़ में फैला होगा।
दीघा से दीदारगंज तक बनेगा रिवरफ्रंट
पटना नगर निगम दीघा से दीदारगंज तक 8 किलोमीटर लंबे गंगा रिवरफ्रंट का डीपीआर तैयार कर रहा है। इस योजना में ऐतिहासिक घाटों जैसे नौजर कटरा, खाजेकलां और दीदारगंज को शामिल किया गया है। वहीं, पर्यटन मंत्री ने हाल ही में जनार्दन घाट को टूरिज्म हब बनाने के लिए आधारशिला रखी है। यहां वाटर स्पोर्ट्स, रो-रो वेसल, कैफेटेरिया और बैठने के लिए प्लेटफॉर्म जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।






