पटना, भागलपुर, गया, मुजफ्फरपुर समेत 5 ज़िलों में सरकार बना रही Society Apartment. नाममात्र किराए पर बीच शहर में रह सकेंगे लोग

बिहार सरकार ने शहरी गरीबों के लिए बहुमंजिला आवास बनाने की योजना शुरू कर दी है। इस योजना का उद्देश्य गरीबों को सस्ती और सुलभ आवास सुविधा प्रदान करना है। कैबिनेट की स्वीकृति के बाद अब कार्ययोजना बनाने का काम अंतिम चरण में है।
कौन-कौन से शहर शामिल हैं?
पहले चरण में पटना, भागलपुर, गया, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, डेहरी और दीघा में आवास बनाए जाएंगे। ये आवास राज्य आवास बोर्ड की जमीन पर जन-निजी भागीदारी (PPP) मोड के तहत बनाए जाएंगे।
- पटना: राजीव नगर – दीघा इलाके में आवास बोर्ड की पांच एकड़ जमीन पर 750 आवास का निर्माण प्रस्तावित है।
- भागलपुर: यहां आवास बोर्ड की अधिग्रहित जमीन पर आवास बनाए जाएंगे।
- अन्य शहर: गया, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, डेहरी में भी आवास बनाए जाएंगे।

योजना की विशेषताएं
- जमीन का चयन: आवास बोर्ड की जमीन पर बहुमंजिला आवास बनेंगे। भूमि का अतिक्रमण हटाकर इसे निर्मित किया जाएगा।
- PPP मॉडल: आवास जन-निजी भागीदारी (PPP) मोड के तहत बनाए जाएंगे, जिसमें बिल्डर को जमीन दी जाएगी और वह अपार्टमेंट बनाएंगे।
- बिल्डर की भूमिका: बिल्डर अपार्टमेंट बनाने का खर्च उठाएंगे और हरित क्षेत्र और पार्किंग भी विकसित करेंगे। वे अपार्टमेंट के एक हिस्से को बेचकर अपना खर्च निकालेंगे।
- फ्लैट आवंटन: आवास का आवंटन सरकार द्वारा गठित समिति के माध्यम से किया जाएगा। पटना में आवास का न्यूनतम किराया तय किया जाएगा, जिसे आवंटियों से वसूला जाएगा।
- समिति का गठन:
- मुख्यालय स्तर पर: नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव अध्यक्ष होंगे।
- जिला स्तर पर: संबंधित जिले के डीएम अध्यक्ष होंगे।
आवास योजना का महत्व
इस योजना के तहत गरीबों को सस्ती दरों पर आवास मुहैया कराया जाएगा। इससे न केवल उनकी जीवन गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि शहरों में रहने की सुविधाएं भी बेहतर होंगी। योजना के तहत बनाए जा रहे आवासों में कोई भी बदलाव नहीं किया जा सकेगा, ताकि योजना की पारदर्शिता बनी रहे।
आगे की योजना
नगर विकास एवं आवास विभाग के अनुसार, इसी माह से काम शुरू होने की संभावना है। करीब 50 हजार परिवार स्लम बस्तियों में पाए गए हैं, जिन्हें इस योजना के तहत आवास प्रदान किया जाएगा।