मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कच्ची दरगाह-बिदुपुर 6 लेन गंगा पुल परियोजना का निरीक्षण किया है। उन्होंने पिलर नंबर 54 के पास काम का जायजा लिया और अधिकारियों को मार्च-अप्रैल 2026 तक हर हाल में बचे हुए काम को पूरा करने का निर्देश दिया है। यह पुल उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच एक नया और तेज रास्ता बनेगा जिससे पटना आने-जाने वालों को गांधी सेतु के जाम से बड़ी राहत मिलेगी। सरकार अब मिशन मोड में काम कर रही है ताकि समय पर लोगों को यह सुविधा मिल सके।

📰: भागलपुर में CBI अफसर बनकर 1.20 करोड़ की ठगी, पुलिस ने मधुबनी से दबोचा अपराधी

कितनी लागत से तैयार हो रहा है यह ऐतिहासिक पुल?

इस परियोजना की कुल लागत लगभग 5,000 करोड़ रुपये है। इसमें एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) ने 3,000 करोड़ रुपये का लोन दिया है, जबकि बिहार सरकार ने 2,000 करोड़ रुपये लगाए हैं। पुल का निर्माण L&T Construction और दक्षिण कोरिया की Daewoo E&C मिलकर कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि काम की गुणवत्ता के साथ कोई समझौता नहीं होना चाहिए।

आम जनता को इससे क्या सुविधा मिलेगी?

यह पुल 9.76 किलोमीटर लंबा है और भारत का सबसे लंबा एक्स्ट्रा-डोज्ड केबल-स्टेड ब्रिज है। इसके शुरू होने से आमस-दरभंगा एक्सप्रेसवे से सीधा जुड़ाव हो जाएगा। समस्तीपुर, दरभंगा और मधुबनी जाने वालों को पटना शहर के ट्रैफिक में नहीं फंसना पड़ेगा। सरकार ने पुल के साथ 10 किलोमीटर लंबी अप्रोच रोड को भी तुरंत तैयार करने को कहा है ताकि गाड़ियां बिना रुके फर्राटे भर सकें।


Puja Kanjani Covers Bhagalpur Local Updates and Bihar Level Important News. Ex Jagran Media and IndiaTV Journalist.

Leave a comment