मेघालय के East Jaintia Hills जिले में गुरुवार की सुबह एक अवैध कोयला खदान में हुए जोरदार धमाके में 18 मजदूरों की जान चली गई है। यह घटना जिला मुख्यालय से करीब 30 किलोमीटर दूर Thangskai इलाके में हुई। पुलिस और बचाव दल ने मौके से 18 शवों को बाहर निकाल लिया है, जबकि एक घायल मजदूर को अस्पताल भेजा गया है। अधिकारियों को आशंका है कि खदान के अंदर अभी और भी मजदूर फंसे हो सकते हैं क्योंकि घटना के वक्त वहां कितने लोग काम कर रहे थे, इसकी सही जानकारी अभी नहीं मिल पाई है।
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हाई कोर्ट ने लिया संज्ञान, अधिकारियों को किया तलब
इस हादसे के बाद Meghalaya High Court ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने खुद मामले का संज्ञान लेते हुए प्रशासन को खदान मालिकों और इसे चलाने वालों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने जिले के Deputy Commissioner और SP को 9 फरवरी को अदालत में पेश होने का निर्देश दिया है। पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने बताया कि यह खदान अवैध रूप से चलाई जा रही थी और मामले की जांच की जा रही है कि धमाका किस वजह से हुआ। पुलिस ने संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।
सरकार ने की मुआवजे की घोषणा
प्रधानमंत्री Narendra Modi ने इस घटना पर दुख व्यक्त किया है और पीड़ित परिवारों के लिए मदद का ऐलान किया है। केंद्र सरकार की ओर से मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके अलावा, मेघालय के मुख्यमंत्री Conrad K Sangma ने राज्य सरकार की तरफ से मृतकों के परिवार को 3 लाख रुपये देने की घोषणा की है। यह घटना 2014 में NGT द्वारा लगाए गए रैट-होल माइनिंग बैन के बावजूद अवैध खनन के खतरों को फिर से सामने लाती है।






