भागलपुर के Mount Litra Zee School ने अभिभावकों के लिए एक बड़ी राहत वाली खबर दी है। स्कूल की प्रिंसिपल उमा यादव ने ऐलान किया है कि अगर किसी बच्चे के माता-पिता का ट्रांसफर दूसरे शहर में होता है, तो उन्हें नई जगह पर एडमिशन के लिए दोबारा पैसे नहीं देने होंगे। यह फैसला उन लोगों के लिए बहुत फायदेमंद साबित होगा जो सरकारी नौकरी या कॉर्पोरेट सेक्टर में हैं और जिनका अक्सर तबादला होता रहता है।
ट्रांसफर होने पर कैसे मिलेगी सुविधा
प्रिंसिपल उमा यादव ने जानकारी दी है कि Mount Litra Zee School का नेटवर्क पूरे भारत में फैला हुआ है और इसकी 100 से ज्यादा शाखाएं हैं। अगर किसी अभिभावक का ट्रांसफर भागलपुर से किसी और शहर में होता है, तो वे वहां मौजूद Mount Litra Zee School में अपने बच्चे का दाखिला करवा सकते हैं। इसके लिए उनसे कोई भी अतिरिक्त Admission Fee नहीं ली जाएगी।
इसके अलावा, स्कूल ने यह भी सुनिश्चित किया है कि सभी शाखाओं में ड्रेस और किताबों का पैटर्न एक जैसा रहे। इसका मतलब है कि नए शहर में जाने पर अभिभावकों को नई ड्रेस या किताबें खरीदने का खर्च नहीं उठाना पड़ेगा। इससे बच्चों की पढ़ाई भी बिना किसी रुकावट के चलती रहेगी और अभिभावकों की जेब पर भी असर नहीं पड़ेगा।
एडमिशन और हॉस्टल की जानकारी
स्कूल प्रशासन ने बताया कि नए सत्र 2026-27 के लिए एडमिशन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। फिलहाल Junior KG से लेकर 9वीं कक्षा तक के लिए दाखिले खुले हैं। अभिभावक स्कूल के ऑफिस में जाकर संपर्क कर सकते हैं।
भागलपुर के खरवा (Jamni More) स्थित इस स्कूल में दूर-दराज से आने वाले छात्रों का भी ख्याल रखा गया है। कैंपस के अंदर ही लड़कों और लड़कियों के लिए अलग-अलग हॉस्टल की व्यवस्था की गई है। यह सुविधा उन छात्रों के लिए है जो शहर से दूर रहते हैं और रोजाना आने-जाने में समर्थ नहीं हैं। स्कूल का उद्देश्य बच्चों को अच्छी शिक्षा के साथ-साथ सुरक्षित माहौल देना है।






