बिहार में सड़कों की स्थिति सुधारने के लिए सरकार तेजी से काम कर रही है। मंत्री Dilip Jaiswal ने जानकारी दी है कि Munger-Mirzachauki Fourlane प्रोजेक्ट का काम काफी हद तक पूरा हो गया है। करीब 100 किलोमीटर लंबी इस सड़क का 79% निर्माण कार्य खत्म हो चुका है। सरकार ने अप्रैल 2026 तक इस प्रोजेक्ट को पूरी तरह चालू करने का लक्ष्य रखा है, जिससे मुंगेर और भागलपुर के बीच का सफर आसान हो जाएगा।
NH-33 (मुंगेर-मिर्जाचौकी) प्रोजेक्ट की ताज़ा स्थिति क्या है?
यह प्रोजेक्ट पहले ग्रीनफील्ड NH-80 के नाम से जाना जाता था, जिसे अब आधिकारिक तौर पर NH-33 नाम दिया गया है। 4,000 करोड़ रुपये की लागत से बन रही इस सड़क का काम चार अलग-अलग पैकेजों में चल रहा है। NHAI के अधिकारियों के अनुसार, जून 2026 तक यह पूरी तरह ऑपरेशनल हो सकता है।
- पैकेज 1 (Munger से Kharia): लगभग 70% काम पूरा, लागत 981 करोड़ रुपये।
- पैकेज 2 (Kharia से Old Sarai): करीब 87% काम पूरा हो चुका है।
- पैकेज 3 (Choudharydih से Rasalpur): 70% निर्माण कार्य संपन्न, लागत 1,012 करोड़ रुपये।
- पैकेज 4 (Rasalpur से Mirzachauki): 90% काम पूरा, लागत 892 करोड़ रुपये।
भागलपुर के लिए स्वीकृत अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाएं
फोरलेन के अलावा, भागलपुर जिले के लिए कुछ और महत्वपूर्ण सड़कों और पुलों को मंजूरी मिली है। हाल ही में आए बजट और प्रशासनिक अनुमानों के मुताबिक, इससे शहर के अंदर और बाहर दोनों जगह ट्रैफिक की समस्या कम होगी।
| प्रोजेक्ट का नाम | लागत और विवरण |
|---|---|
| Bhagalpur-Hansdiha Path | 50.17 करोड़ रुपये मंजूर, लोहिया पुल से बाईपास तक फोरलेन बनेगा। |
| Bhagalpur-Agarpur-Kotwali | 114 करोड़ रुपये मंजूर, सड़क चौड़ीकरण से जाम में कमी आएगी। |
| ग्रामीण पुल (Rural Bridges) | भागलपुर जिले में 34 नए पुलों का निर्माण होगा। |






