भारतीय रेलवे ने देश भर में वंदे भारत ट्रेनों की संख्या बढ़ाने के लिए एक बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया है। रेलवे मंत्रालय ने साल 2030 तक 800 जोड़ी वंदे भारत ट्रेनों का संचालन शुरू करने की योजना बनाई है। इस लक्ष्य को हासिल करने और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बिहार के IIT Patna में रेलवे अधिकारियों के लिए एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है।

2030 तक पटरियों पर दौड़ेंगी 800 नई ट्रेनें

रेलवे मंत्रालय के अनुसार, अगले चार वर्षों के भीतर पुराने कोच वाली ट्रेनों को बदलकर नई वंदे भारत ट्रेनें चलाई जाएंगी। वर्तमान में देश में लगभग 164 वंदे भारत सेवाएं चल रही हैं। सरकार का लॉन्ग टर्म विजन 2047 तक ‘विकसित भारत’ योजना के तहत 4,500 ट्रेनसेट चलाने का है। इसके अलावा वंदे भारत स्लीपर और मिनी वंदे भारत पर भी तेजी से काम चल रहा है ताकि आम यात्रियों को बेहतर सुविधा मिल सके।

IIT Patna में अफसरों को दी जा रही है ट्रेनिंग

इस मिशन को सफल बनाने के लिए IIT Patna के बिहटा कैंपस में 9 फरवरी से दो सप्ताह की कार्यशाला शुरू हुई है। यह कार्यक्रम 20 फरवरी तक चलेगा। इसमें IRIMEE जमालपुर और IIT Patna मिलकर काम कर रहे हैं। ट्रेनिंग में देश भर के अलग-अलग जोन से आए 25 सीनियर रेलवे अधिकारी हिस्सा ले रहे हैं। इसका उद्घाटन IIT Patna के डायरेक्टर प्रो. टी.एन. सिंह और IRIMEE के महानिदेशक अनिमेष कुमार सिन्हा ने किया।

वंदे भारत और नमो भारत ट्रेन से जुड़े बड़े आंकड़े

इस ट्रेनिंग में अधिकारियों को हाई-वोल्टेज इलेक्ट्रिकल सिस्टम और कवच 4.0 जैसी तकनीकों के बारे में बताया जा रहा है। नीचे दी गई तालिका में वंदे भारत से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां और लागत दी गई हैं:

विवरण अनुमानित लागत/लक्ष्य
एक वंदे भारत (16 कोच) की लागत 115 से 130 करोड़ रुपये
नई उन्नत वंदे भारत की लागत 140 से 150 करोड़ रुपये
मिनी वंदे भारत (8 कार) 65 करोड़ रुपये
2030 तक का लक्ष्य 800 ट्रेनसेट

Puja Kanjani Covers Bhagalpur Local Updates and Bihar Level Important News. Ex Jagran Media and IndiaTV Journalist.

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