पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच विदेशी झंडे वाले जहाजों पर काम कर रहे तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई है। शिपिंग महानिदेशालय (DGS) ने 3 मार्च 2026 को आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि की है। इस घटना में एक अन्य भारतीय नाविक घायल भी हुआ है। यह हमला ओमान की खाड़ी और हॉर्मुज जलडमरूमध्य के पास हुआ है, जिसके बाद भारत सरकार ने अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाए हैं।
किन जहाजों पर हुआ हमला और कैसे हुई नाविकों की मौत?
आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, हमला दो अलग-अलग तेल टैंकरों पर हुआ है। पहला जहाज मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाला MKD Vyom था, जिस पर मस्कट के पास ड्रोन नाव से हमला किया गया। इस हमले में जहाज के इंजन रूम में तैनात एक भारतीय की जान चली गई। दूसरा जहाज Skylight था, जो पलाऊ के झंडे के साथ चल रहा था। इस पर मुसंदम प्रायद्वीप के पास हमला हुआ, जिसमें दो भारतीयों की मौत हुई और चार अन्य घायल हो गए। भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि अभी तक किसी भी भारतीय झंडे वाले जहाज पर हमला या कब्जा नहीं हुआ है।
सरकार ने जारी किए नए नियम और सुरक्षा एडवायजरी
शिपिंग महानिदेशालय ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए Capt. PC Meena (डिपुटी डीजी, क्रू) की अध्यक्षता में एक क्विक रिस्पांस टीम बनाई है। सरकार ने निम्नलिखित निर्देश जारी किए हैं:
- सभी भर्ती कंपनियों (RPSL) को आदेश दिया गया है कि वे अगले आदेश तक भारतीय नाविकों को ईरान न भेजें।
- ईरानी जल क्षेत्र में मौजूद भारतीय नाविकों को बिना वजह तट पर न जाने की सलाह दी गई है।
- भारतीय दूतावास मस्कट और तेहरान के जरिए मृतक परिवारों और फंसे हुए नागरिकों की मदद की जा रही है।
- सभी भारतीय जहाजों को इस क्षेत्र में इलेक्ट्रॉनिक हस्तक्षेप और मिसाइल खतरों से सावधान रहने को कहा गया है।
भारत की अर्थव्यवस्था और एनर्जी सप्लाई पर क्या होगा असर?
इस संघर्ष का सीधा असर भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर पड़ने की आशंका है। इंडियन नेशनल शिपओनर्स एसोसिएशन (INSA) ने बताया है कि भारत के 85% रसोई गैस (LPG) का आयात इसी रास्ते से होता है। तनाव के कारण होने वाले आर्थिक प्रभाव को नीचे दी गई तालिका से समझा जा सकता है:
| विवरण | प्रभाव और डेटा |
|---|---|
| युद्ध क्षेत्र में भारतीय जहाज | 27 भारतीय झंडे वाले जहाज वर्तमान में वहां मौजूद हैं |
| संपत्ति का जोखिम | इन जहाजों की कुल कीमत ₹10,000 करोड़ से अधिक है |
| आर्थिक बोझ | बीमा कंपनियों ने वार-रिस्क कवर हटाया, माल ढुलाई दरें बढ़ीं |
| यातायात की स्थिति | हॉर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री ट्रैफिक पूरी तरह प्रभावित है |
विदेश मंत्रालय ने सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। फिलहाल भारत सरकार उन भारतीय नाविकों की सुरक्षित वापसी के लिए कूटनीतिक रास्तों का इस्तेमाल कर रही है जो अभी भी संघर्ष वाले क्षेत्रों में फंसे हुए हैं।






