भागलपुर और सीमांचल के लोगों के लिए राहत भरी खबर है। विक्रमशिला-कटारिया गंगा रेल पुल का निर्माण कार्य अप्रैल 2026 से शुरू होने जा रहा है। इस पुल के बनने से उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच रेल कनेक्टिविटी सीधी हो जाएगी। इसका सबसे ज्यादा फायदा कटिहार, पूर्णिया, किशनगंज और अररिया जैसे जिलों में रहने वाले एक करोड़ से अधिक लोगों को मिलेगा। यह प्रोजेक्ट इलाके में विकास की नई रफ्तार लाएगा।

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प्रोजेक्ट की लागत और बनावट कैसी होगी?

केंद्र सरकार ने इस पूरे प्रोजेक्ट के लिए करीब 2,549 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। इसमें से सिर्फ गंगा नदी पर बनने वाले स्टील ब्रिज की लागत 1,068 करोड़ रुपये के आसपास होगी। यह पुल करीब 2.5 किलोमीटर लंबा होगा और इसमें डबल लाइन की सुविधा होगी। पुल को ‘Y-शेप’ में डिजाइन किया गया है ताकि ट्रेनों की आवाजाही बिना किसी रुकावट के हो सके। इसके अलावा, दोनों तरफ करीब 24 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन भी बिछाई जाएगी।

काम कब तक पूरा होगा और अभी क्या चल रहा है?

रेलवे ने इस प्रोजेक्ट को 5 साल के अंदर पूरा करने का लक्ष्य रखा है, यानी 2031 तक ट्रेनें इस पर दौड़ने लगेंगी। अभी जमीन अधिग्रहण और टेंडर की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। भागलपुर के DM ने जमीन के कागजात दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं ताकि अप्रैल में काम शुरू होने में कोई दिक्कत न आए। गंगा नदी के तल से मिट्टी के सैंपल लेकर जांच पूरी कर ली गई है। भारी मशीनें मार्च के आखिरी हफ्ते तक साइट पर पहुंचने की उम्मीद है।

इस पुल से आम आदमी को क्या फायदा होगा?

  • समय की बचत: अभी मुंगेर या राजेंद्र सेतु होकर जाने में काफी समय लगता है। यह पुल बनने से करीब 3 घंटे का समय बचेगा।
  • रोजगार के मौके: निर्माण कार्य के दौरान लगभग 5,000 से 6,000 लोगों को काम मिलने की संभावना है।
  • व्यापार में तेजी: खेती का सामान और कोयला ले जाने में आसानी होगी, जिससे लॉजिस्टिक्स का खर्च कम होगा।

Puja Kanjani Covers Bhagalpur Local Updates and Bihar Level Important News. Ex Jagran Media and IndiaTV Journalist.

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