भागलपुर जिले के बिहपुर प्रखंड अंतर्गत लत्तीपुर गांव में बुधवार की सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक 22 वर्षीय युवक का शव अमरूद के पेड़ से लटका हुआ मिला। मृतक की पहचान अभिषेक कुमार उर्फ छोटू के रूप में हुई है। घटना की जानकारी मिलते ही गांव में भीड़ जमा हो गई और पुलिस को सूचित किया गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और उन्होंने इसे आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या बताया है। पुलिस फिलहाल मामले की जांच में जुट गई है।
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क्या है परिजनों का आरोप और गायब मोबाइल का राज?
अभिषेक की मां अनीता देवी ने पुलिस को बताया कि उनका बेटा सुबह करीब 4 बजे मवेशियों को चारा देने के लिए घर से निकला था। घर से महज 100 मीटर की दूरी पर बासा के पास उसका शव मिला। मां का कहना है कि जिस अमरूद की डाली से शव लटका था, वह इतनी पतली है कि किसी इंसान का वजन नहीं सह सकती।
उन्होंने सीधा आरोप लगाया है कि बेटे की हत्या करके शव को वहां टांगा गया है ताकि यह आत्महत्या लगे। इसके अलावा अभिषेक का मोबाइल फोन भी घटना स्थल से गायब है। वह पशु आहार की दुकान चलाता था और परिजनों के मुताबिक उसके मोबाइल में करीब 3 लाख रुपये के लेनदेन का हिसाब था। मोबाइल का गायब होना मामले को और संदिग्ध बना रहा है।
पुलिस की जांच और पुराना विवाद
घटना की सूचना मिलते ही बिहपुर थाना अध्यक्ष संतोष कुमार शर्मा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने एफएसएल (FSL) की टीम को भी बुलाकर साक्ष्य जमा करवाए। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए नवगछिया अनुमंडल अस्पताल भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का सही कारण पता चलेगा।
इस मामले में मृतक का पुराना आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। उसके पिता दिलीप यादव तीन साल पहले हुई एक हत्या के मामले में जेल में हैं। वहीं, अभिषेक खुद पिछले साल लत्तीपुर चौक पर हुई गोलीबारी और रंगदारी की घटना में आरोपी था। वह हाल ही में बेल पर बाहर आया था। पुलिस हत्या और आत्महत्या दोनों एंगल से मामले की छानबीन कर रही है।






