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BJP और JDU ने Lalu Prasad Yadav की परिवार की कथित अवैध संपत्तियों को समाज के लाभ के लिए उपयोग करने का प्रस्ताव रखा है।
पटना में, बीजेपी और जनता दल (यूनाइटेड) ने मिलकर आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार की कथित अवैध संपत्तियों पर चर्चा की। दोनों पार्टियों के नेता चाहते हैं कि इन संपत्तियों को केंद्रीय एजेंसियों द्वारा जब्त किया जाए और इन्हें समाज के लाभ के लिए उपयोग किया जाए।
बीते शुक्रवार को बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस मुद्दे पर एक निजी टीवी चैनल से बात की। उन्होंने कहा कि यदि लालू प्रसाद से जुड़ी इमारतों में स्कूल खोले जाएं, तो आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चे सबसे अधिक लाभान्वित होंगे। उनके अनुसार, पटना और अन्य क्षेत्रों में कई ऐसी संपत्तियाँ हैं जो वर्षों से बिना इस्तेमाल के पड़ी हैं।
इसके अगले दिन, JDU के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने इस विचार का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि जैसे कि प्रवर्तन निदेशालय और केंद्रीय जांच ब्यूरो को अवैध संपत्तियों को जब्त करना चाहिए। यह इमारतें स्कूलों, अनाथालयों या छात्रावासों में बदली जा सकती हैं ताकि विभिन्न सामाजिक पृष्ठभूमियों के बच्चे शिक्षा और आश्रय पा सकें।
नेताओं ने “भूमि के बदले नौकरी” मामले का भी जिक्र किया, जिसमें लालू प्रसाद और उनके परिवार के सदस्यों पर आरोप है कि उन्होंने नौकरी के बदले जमीन ली। बीजेपी के नेताओं का कहना है कि कुछ संपत्तियों पर लगभग 20 साल से कोई दावा नहीं है और वे बंद पड़ी हैं।
केंद्रीय एजेंसियाँ पहले ही कई संपत्तियों को जब्त कर चुकी हैं, जिससे यह मामला राजनीतिक रूप से संवेदनशील बना हुआ है। यह मुद्दा बिहार में आगे चलकर भी चर्चा का विषय बना रहेगा।
Summary:
- BJP और JDU ने लालू प्रसाद यादव की संपत्तियों पर चर्चा की।
- अवधारणा है कि इन्हें समाज के लिए उपयोग किया जाए।
- सम्राट चौधरी ने स्कूल खोलने का सुझाव दिया।
- नीरज कुमार ने अवैध संपत्तियों को जब्त करने का समर्थन किया।
- यह मामला राजनीति में आगे भी चर्चा में रहेगा।






