What’s inside:
This article talks about the new heavy-duty jack developed by the Jamalpur Railway Factory in Bihar, highlighting its features and significance for Indian Railways and industries.
बिहार के जमालपुर रेलवे फैक्ट्री ने अपने लंबे अनुभव का इस्तेमाल करते हुए एक नया भारी-भरकम जैक बनाया है। यह फैक्ट्री इंजीनियरिंग में अपने उत्कृष्ट काम के लिए जानी जाती है और अब इसने नई तकनीक के साथ एक अद्भुत उत्पाद तैयार किया है। यह जैक भारतीय रेलवे की जरूरतों के साथ-साथ बड़े औद्योगिक कंपनियों के लिए भी काम आएगा।
नया जैक असल में चार जाक्स का सेट है, जिसमें से हर एक 35 टन तक उठाने की क्षमता रखता है। मिलकर ये चार जाक्स लगभग 140 टन तक का वजन उठा सकते हैं, जिससे रेलवे इंजन, कोच और भारी औद्योगिक मशीनों को उठाना बेहद आसान हो गया है। इस जैक में बेहतर पहियों का सिस्टम और इलेक्ट्रिकल बदलाव किए गए हैं, जो कार्य को और सरल बनाते हैं।
इस नए जैक का उपयोग करने से लोगों को ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ेगी, जिससे सुरक्षा भी बढ़ती है। जमालपुर फैक्ट्री 1962 से जाक्स बना रही है और यह भारत में सबसे बड़ी मात्रा में जाक्स बनाने वाली एकमात्र फैक्ट्री है। इसे देश और विदेश में भी अच्छी मांग मिल रही है, जिसमें 10,000 से अधिक यूनिट्स पहले ही सप्लाई किए जा चुके हैं।
हर एक जैक की कीमत लगभग 50 लाख रुपये है, और फैक्ट्री सालाना लगभग 500 यूनिट्स बनाने का लक्ष्य रखती है। नई तकनीक और बढ़ती मांग के चलते, जमालपुर कार्यशाला रेलवे और औद्योगिक विकास में और भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। बिहार की इंजीनियरिंग क्षमता अब वैश्विक स्तर पर फिर से पहचानी जा रही है।
इस नए जैक के विकास से भारतीय रेलवे और उद्योगों को मजबूती मिलेगी। अगले कुछ वर्षों में इसे और भी ज्यादा प्रभावी मानने की उम्मीद है। यह जैक रेलवे और औद्योगिक क्षेत्रों में नई संभावनाएं खोलेगा।
Summary:
- जमालपुर रेलवे फैक्ट्री ने नया भारी जैक बनाया है।
- यह जैक 140 टन वजन उठाने में सक्षम है।
- इसमें बेहतर तकनीक और सुरक्षा सुविधाएं हैं।
- फैक्टी हर साल 500 यूनिट्स बनाने का लक्ष्य रखती है।
- यह विकास भारतीय रेलवे और औद्योगिक क्षेत्र को मजबूत करेगा।






