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बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने औद्योगिक विकास के लिए एक नया रोडमैप पेश किया है, जिसमें अगले पांच साल में बड़े निवेश का लक्ष्य रखा गया है।




पटना में आज मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने औद्योगिक विभाग की एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में उन्होंने अगले पांच साल में औद्योगिक विस्तार और आर्थिक विकास का एक महत्वाकांक्षी योजना प्रस्तुत की।


बैठक में मुख्य सचिव ने पिछले 20 वर्षों में राज्य की औद्योगिक स्थिति का विस्तृत विवरण दिया। इसमें औद्योगिक इकाइयों की संख्या, बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज 2025, और उद्यमिता तथा आत्म-रोजगार के लिए योजनाएँ शामिल थीं।


उन्होंने बताया कि पिछले 20 वर्षों में औद्योगिक क्षेत्रों की संख्या 46 से बढ़कर 94 हो गई है। इसके अलावा, औद्योगिक इकाइयों की संख्या 1,674 से बढ़कर 3,500 हो गई है, और औद्योगिक उत्पादों का निर्यात 25 करोड़ रुपये से बढ़कर 17,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।


मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने 44,073 उद्यमियों को सहायता प्रदान की है। बिहार को पूर्वी भारत का एक प्रमुख तकनीकी और औद्योगिक केंद्र बनाने के लिए कई नई योजनाएँ बनाई जा रही हैं।


बिहार में औद्योगिक विकास के लिए जरूरी आधारभूत ढाँचा पहले से ही मौजूद है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम यह सुनिश्चित करेंगे कि हमारे युवा रोजगार के लिए राज्य छोड़कर न जाएँ।





Summary:

  • बिहार में औद्योगिक विकास के लिए नया रोडमैप पेश किया गया है।

  • मुख्यमंत्री ने पिछले 20 वर्षों की औद्योगिक प्रगति पर चर्चा की।

  • औद्योगिक इकाइयों और निर्यात में बड़ी वृद्धि हुई है।

  • सरकार ने उद्यमियों को सहायता दी है और नए प्रोजेक्ट पर काम कर रही है।

  • राज्य में युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।



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