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यह लेख बिहार के सड़क नेटवर्क की स्थिति पर जानकारी देता है, जिसमें राष्ट्रीय और राज्य मार्गों की चौड़ाई का आकलन किया गया है।
पटना में हाल ही में जारी एक रिपोर्ट में बताया गया है कि बिहार के केवल 28% राष्ट्रीय राजमार्ग चार लेन या उससे बड़े हैं। राज्य और जिला सड़कों पर यह अनुपात और भी कम है, जो सड़क चौड़ाई की गंभीर सीमाओं को दर्शाता है।
रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के राजमार्गों में सिर्फ 1.11% और प्रमुख जिला सड़कों में 0.69% ही चार लेन हैं। बिहार के 26,791 किमी शहरी सड़कों में से केवल 1,973 किमी यानी 7% ही चार लेन या उससे अधिक मानक को पूरा करते हैं।
बिहार के राष्ट्रीय राजमार्गों का कुल नेटवर्क 6,389 किमी है, लेकिन इनमें से कई क्षेत्र संकीर्ण हैं। इसमें 406 किमी एकल लेन, 3,215 किमी दो लेन और केवल 1,816 किमी चार लेन या उससे बड़े हैं।
राज्य के राजमार्गों में भी स्थिति कुछ ऐसी ही है। 3,617 किमी के राज्य राजमार्गों में 268 किमी एकल लेन, 270 किमी मध्य लेन और केवल 40 किमी चार लेन मानक पर पहुंचते हैं। प्रमुख जिला सड़कों में भी चौड़ाई की कमी है।
बिहार का सड़क नेटवर्क समय के साथ बढ़ा है, लेकिन इसकी चौड़ाई और क्षमता सीमित है। परिवहन योजनाकारों का कहना है कि सड़क चौड़ीकरण राज्य की सबसे जरूरी अवसंरचना जरूरतों में से एक है।
Summary:
- बिहार के 28% राष्ट्रीय राजमार्ग चार लेन या उससे बड़े हैं।
- राज्य राजमार्गों में केवल 1.11% और जिला सड़कों में 0.69% चार लेन हैं।
- बिहार में सड़क चौड़ाई की गंभीर कमी है।
- राष्ट्रीय राजमार्गों का नेटवर्क बढ़ा है, लेकिन चौड़ाई सीमित है।
- सड़क चौड़ीकरण राज्य की एक महत्वपूर्ण आवश्यकता है।






