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इस लेख में बिहार में वायु प्रदूषण की स्थिति और इसके समाधान के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी दी गई है।




पटना में हाल ही में बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने हवा में बढ़ते प्रदूषण को लेकर एक अध्ययन शुरू किया है। यह अध्ययन मुख्य शहरों के उन क्षेत्रों पर केंद्रित है, जो सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। इसका उद्देश्य प्रदूषण के कारणों को समझना और उनके समाधान के लिए कदम उठाना है।



हालांकि पिछले चार दिनों से ठंडी हवाओं की वजह से वायु गुणवत्ता में कुछ सुधार हुआ है, लेकिन पटना के कुछ इलाके जैसे दानापुर और समनपुरा अभी भी सबसे ज्यादा प्रदूषित हैं। वहीं, मोतिहारी और मुंगेर ने सोमवार को सबसे ज्यादा प्रदूषण के स्तर दर्ज किए, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) क्रमशः 218 और 212 रहा।



राज्य के 16 शहरों में मध्यम प्रदूषण की रिपोर्ट आई है, जिसमें पटना भी शामिल है। यहाँ AQI 118 से लेकर 163 तक है। विशेषज्ञों का मानना है कि हाल ही में हुए सुधार का कारण कम हवा की गति, कोहरा और ओस है, जिससे वायु में प्रदूषकों की मात्रा कम हुई है।



बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (BSPCB) वायु गुणवत्ता को छह श्रेणियों में वर्गीकृत करता है। AQI 0-50 अच्छे, 51-100 संतोषजनक, 101-200 मध्यम प्रदूषित, 201-300 खराब, 301-400 बहुत खराब और 401-450 गंभीर श्रेणी में आता है। BSPCB की टीम राज्य में वायु गुणवत्ता की निगरानी जारी रखेगी।



अगले कदम के रूप में, BSPCB प्रदूषण कम करने के लिए नीतियों का सुझाव देगा और शहरी केंद्रों में वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए उपाय करेगा। यह अध्ययन और निगरानी प्रदूषण की समस्या को समझने और उसके समाधान में मदद करेगी।





Summary:

  • बिहार में वायु प्रदूषण की समस्या पर अध्ययन शुरू हुआ है।

  • पटना के कई क्षेत्र अभी भी प्रदूषित हैं।

  • मौसम में सुधार से कुछ क्षेत्रों में प्रदूषण कम हुआ है।

  • BSPCB वायु गुणवत्ता को विभिन्न श्रेणियों में वर्गीकृत करता है।

  • अगले कदमों में प्रदूषण कम करने के उपाय शामिल होंगे।



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