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बिहार कृषि विश्वविद्यालय ने 30वीं रिसर्च काउंसिल मीटिंग का आयोजन किया, जिसमें वैज्ञानिकों और महिला किसानों ने अपने अनुभव साझा किए।
भागलपुर में, बिहार कृषि विश्वविद्यालय (BAU), सबौर ने 30वीं रिसर्च काउंसिल मीटिंग का आयोजन किया। यह मीटिंग शुक्रवार को हुई, जिसमें राज्य के विभिन्न हिस्सों से वैज्ञानिक, विशेषज्ञ और किसान शामिल हुए। इस बैठक की अध्यक्षता उपकुलपति डॉ. डी.आर. सिंह ने की।
बैठक में प्रमुख वैज्ञानिकों ने भाग लिया, जिनमें डॉ. राम भजन सिंह और डॉ. वाई.एस. शिवाय शामिल थे। प्रगतिशील महिला किसानों ने भी अपने अनुभव साझा किए, जिसमें से सीमा सिन्हा, रिंकू देवी और अन्नू कुमारी ने अपनी कृषि में भूमिका को बताया।
डॉ. ए.के. सिंह ने विश्वविद्यालय की हालिया उपलब्धियों का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि BAU ने 48 नई फसल किस्में विकसित की हैं और कई पेटेंट, कॉपीराइट और GI टैग प्राप्त किए हैं। इसके अलावा, उन्होंने 174 स्टार्ट-अप्स को प्रशिक्षित किया है, जिनमें से 71 को फंडिंग मिली है।
महिला किसानों ने अपने क्षेत्र में काम के अनुभव साझा किए। सीमा सिन्हा ने जूट की खेती के बारे में बताया, जबकि अन्नू कुमारी ने औषधीय पौधों की खेती की जानकारी दी। विशेषज्ञों ने कहा कि उनकी भागीदारी अन्य किसानों के लिए प्रेरणा का स्रोत है और यह दर्शाता है कि कैसे अनुसंधान और व्यावहारिक खेती मिलकर उत्पादकता बढ़ा सकते हैं।
उपकुलपति ने बैठक में BAU की प्रगति और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा की। उन्होंने NABL प्रयोगशालाओं को मजबूत करने, जैविक खेती और डिजिटल मिट्टी मानचित्रण के महत्व पर जोर दिया। यह बैठक किसानों को लाभ पहुंचाने और बिहार में सतत कृषि को बढ़ावा देने के लिए अनुसंधान और नवाचार पर ध्यान केंद्रित करेगी।
Summary:
- BAU ने 30वीं रिसर्च काउंसिल मीटिंग आयोजित की।
- बैठक में वैज्ञानिकों और महिला किसानों ने भाग लिया।
- BAU ने 48 नई फसल किस्में विकसित की हैं।
- महिला किसानों ने अपने अनुभव साझा किए।
- बैठक का उद्देश्य सतत कृषि को बढ़ावा देना है।






