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इस लेख में उत्तर बिहार में घने कोहरे के कारण रेलवे द्वारा उठाए गए सुरक्षा कदमों की जानकारी दी गई है।
समस्तीपुर: उत्तर बिहार के कई हिस्सों में घने कोहरे के चलते रेलवे ने सर्दी के मौसम में ट्रेन संचालन को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। रेलवे ने कोहरे से बचाव के लिए आधुनिक उपकरण और सिग्नलिंग सिस्टम का इस्तेमाल शुरू कर दिया है।
रेलवे के मीडिया प्रभारी आरके सिंह ने बताया कि ट्रेन के लोकोमोटिव में कोहरे से बचाव के उपकरण तेजी से लगाए जा रहे हैं। ये उपकरण लोको पायलट को संकेत, ट्रैक मार्किंग और महत्वपूर्ण स्थानों को पहचानने में मदद करते हैं, भले ही दृश्यता कम हो जाए। साथ ही, कई सेक्शनों में ऑटोमेटिक सिग्नलिंग सिस्टम को भी अपडेट किया गया है।
रविवार की सुबह समस्तीपुर जंक्शन घने कोहरे में लिपटा रहा, जिससे सुरक्षा के उपायों की जरूरत और भी बढ़ गई। दृश्यता में सुधार के लिए ट्रैक के महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चूने के निशान बनाए गए हैं और सिग्नल देखने के बोर्डों को साफ किया गया है।
सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए लेवल क्रॉसिंग गेट्स पर ल्यूमिनस स्ट्रिप्स लगाई गई हैं, जिससे रात के समय और कोहरे में क्रॉसिंग को पहचानने में मदद मिलेगी। ट्रेनों के पिछले डिब्बों पर LED फ्लैशर टेल लैंप लगाए गए हैं, जिससे पीछे चल रही ट्रेनों के लिए दृश्यता में सुधार होगा।
रेलवे विभाग ने लोको पायलटों, सहायक लोको पायलटों और गार्ड्स के लिए फॉग में ट्रेन संचालन को सुरक्षित रूप से संभालने के लिए रिफ्रेशर ट्रेनिंग भी बढ़ा दी है। इसके अलावा, घने कोहरे की स्थिति में तुरंत फॉग सिग्नलमेन और अन्य सुरक्षा उपायों के लिए तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
Summary:
- कोहरे के कारण रेलवे ने सुरक्षा उपायों को बढ़ाया है।
- घने कोहरे में ट्रेन संचालन के लिए नए उपकरण लगाए जा रहे हैं।
- दृश्यता सुधारने के लिए ट्रैक पर चूने के निशान बनाए गए हैं।
- सुरक्षा के लिए लेवल क्रॉसिंग पर ल्यूमिनस स्ट्रिप्स लगाई गई हैं।
- लोको पायलटों के लिए रिफ्रेशर ट्रेनिंग का आयोजन किया जा रहा है।






