भागलपुर में परिवहन विभाग ने शादियों के सीजन के बीच एक बड़ा और सख्त फैसला लिया है। जिले में अवैध रूप से मॉडिफाई की गई गाड़ियों, खासकर डीजे (DJ) और मोबाइल रेस्टोरेंट वाली गाड़ियों पर अब कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) जनार्दन कुमार ने बताया कि ऐसी गाड़ियों को पकड़ने और रिपोर्ट सौंपने के लिए 15 दिनों का समय (डेडलाइन) तय किया गया है। शहर में बिना परमिशन के चल रही इन गाड़ियों पर अब सीधे पुलिस और परिवहन विभाग द्वारा एक्शन लिया जाएगा, जिससे वाहन मालिकों में हड़कंप मच गया है।
15 दिनों में शहर से हटेंगी अवैध गाड़ियां, सुरक्षा सबसे पहले
सरकार ने साफ कर दिया है कि मोटर व्हीकल एक्ट के सेक्शन 52 के तहत किसी भी गाड़ी के ढांचे या स्ट्रक्चर में बदलाव करना पूरी तरह गैरकानूनी है। अभी शहर में लगभग 53 ऐसी गाड़ियां हैं जो शादियों में डीजे बजाने या सड़क किनारे खाना बेचने के लिए मॉडिफाई की गई हैं। जांच में पाया गया है कि इन गाड़ियों में तेज रोशनी वाली लाइटें और खाना पकाने के लिए गैस सिलेंडर का इस्तेमाल होता है, जो सड़कों पर चलते हुए कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकता है। इसके अलावा तेज आवाज वाले डीजे से हार्ट के मरीजों को खतरा होता है और कई बार एम्बुलेंस भी इनके कारण लगे जाम में फंस जाती है। इन्हीं वजहों से अगले 15 दिनों के भीतर इन सभी गाड़ियों पर रोक लगाने का सख्त आदेश जारी किया गया है।
नियम तोड़ने पर 1 लाख तक का जुर्माना और गाड़ी होगी जब्त
अगर कोई भी गाड़ी मालिक इन नियमों को तोड़ता हुआ पाया गया तो उस पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। शोर मचाने पर अलग से 2000 रुपये का चालान कटेगा, जबकि गाड़ी में अवैध बदलाव करने पर यह जुर्माना 1 लाख रुपये तक जा सकता है। बिहार के परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने स्पष्ट कहा है कि नियम तोड़ने वालों की गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) रद कर दिया जाएगा और गाड़ी को तुरंत जब्त कर लिया जाएगा। आने वाले दिनों में क्षेत्र में 600 से ज्यादा शादियां होने वाली हैं, लेकिन प्रशासन ने साफ कर दिया है कि शादी के जश्न के नाम पर सड़क सुरक्षा से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ग्रामीण इलाकों से आने वाली ऐसी गाड़ियां भी अब शहर में प्रवेश करने से डर रही हैं।






