भागलपुर शहर के थानों में सालों से जब्त गाड़ियां अब कबाड़ बन रही हैं। थानों में जगह नहीं होने के कारण ये गाड़ियां सड़कों पर खड़ी कर दी जाती हैं, जिससे आए दिन जाम लगता है। अब इस गंभीर मुद्दे को शहर विधायक Rohit Pandey ने बिहार विधानसभा में जोर-शोर से उठाया है। इसके जवाब में सरकार ने साफ कर दिया है कि इन गाड़ियों की जल्द से जल्द नीलामी की जाएगी और थानों को अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा। साथ ही शहर के विकास के लिए एक बड़ी रकम भी मंजूर की गई है।
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कैसे होगी नीलामी और कितने में मिलेगी गाड़ी?
सरकार ने बताया है कि शराबबंदी कानून और उत्पाद अधिनियम 2016 के तहत जब्त गाड़ियों को हटाने का काम तेज कर दिया गया है। अगर किसी की गाड़ी इस कानून के तहत पकड़ी जाती है, तो उसे छुड़ाने के भी नियम तय हैं।
- गाड़ी मालिक को इंश्योरेंस वैल्यू का 50% या DTO द्वारा तय कीमत बतौर जुर्माना देनी होगी।
- अगर 14 दिनों के अंदर जुर्माना नहीं भरा गया, तो प्रशासन गाड़ी को नीलाम करने की प्रक्रिया शुरू कर देगा।
- नीलामी में स्क्रैप और पुरानी गाड़ियों की बोली मात्र 2700 रुपये जैसी कम कीमत से भी शुरू हो सकती है।
- इसमें साइकिल, ई-रिक्शा से लेकर पल्सर, होंडा शाइन और बोलेरो-स्कॉर्पियो जैसी गाड़ियां शामिल होंगी।
20 करोड़ से बनेगी नई बिल्डिंग, सुधरेगी व्यवस्था
भागलपुर में प्रशासनिक काम को बेहतर बनाने और पुलिस लाइन व थानों से भीड़ कम करने के लिए सरकार ने एक और बड़ा फैसला लिया है। शहर में एक नई आधुनिक बिल्डिंग बनाने की मंजूरी मिल गई है।
इस नई बिल्डिंग के लिए सरकार ने 20.92 करोड़ रुपये पास किए गए हैं। यह इमारत 6 मंजिल (G+5) की होगी। इसके बनने से कई सरकारी दफ्तरों को एक जगह लाया जा सकेगा। इससे पहले पूर्व मेयर Dr. Veena Yadav ने भी तिलकामांझी थाने के पास सड़कों पर खड़ी जब्त गाड़ियों को हटाने के लिए आवाज उठाई थी। अब उम्मीद है कि नीलामी प्रक्रिया और नई बिल्डिंग से आम लोगों को जाम, गंदगी और मच्छरों के प्रकोप से बड़ी राहत मिलेगी।






