बिहार में ग्रामीण इलाकों के लोगों की कमाई बढ़ाने के लिए सरकार ने एक बहुत बड़ी योजना शुरू की है। अब राज्य में गाय और भैंस के दूध के साथ-साथ बकरी का दूध भी सुधा डेयरी (Sudha Dairy) के बूथों पर बिकेगा। इसके लिए पशुपालकों को बकरी पालन पर 80 से 90 प्रतिशत तक की भारी सब्सिडी दी जा रही है। पहले चरण में यह योजना भागलपुर समेत पांच बड़े जिलों में शुरू हो रही है, जिससे किसान सीधे डेयरी को अपना दूध बेच सकेंगे।
बकरी पालन पर कितनी मिलेगी सब्सिडी
सरकार ने 2025-26 के लिए ‘समेकित भेड़ एवं बकरी विकास योजना’ को मंजूरी दे दी है। इसमें एक बकरी यूनिट की कीमत 15,000 रुपये तय की गई है, जिसमें उन्नत नस्ल (जैसे ब्लैक बंगाल) की 3 बकरियां मिलेंगी। इस योजना के तहत सब्सिडी के नियम इस प्रकार हैं:
- सामान्य वर्ग (General): 80 प्रतिशत की सब्सिडी मिलेगी। यानी 15,000 रुपये में से किसान को सिर्फ 3,000 रुपये देने होंगे।
- एससी/एसटी वर्ग (SC/ST): 90 प्रतिशत की सब्सिडी मिलेगी। इन परिवारों को सिर्फ 1,500 रुपये का भुगतान करना होगा।
- किसे मिलेगा फायदा: यह योजना उन स्थायी निवासियों के लिए है जिनकी सालाना आय 1.25 लाख रुपये से कम है। महिलाओं और जीविका से जुड़ी दीदियों को इसमें प्राथमिकता दी जाएगी।
सुधा बूथ पर दूध बिक्री और किन जिलों में होगी शुरुआत
इस योजना के तहत पशुपालक सीधे COMFED (सुधा डेयरी) को बकरी का दूध बेच सकेंगे। बकरी का दूध सेहत के लिए काफी फायदेमंद होता है और डेंगू जैसी बीमारियों में प्लेटलेट्स बढ़ाने के काम आता है। पशु एवं मत्स्य संसाधन मंत्री सुरेंद्र मेहता ने हाल ही में इससे जुड़ी एक कार्यशाला का उद्घाटन भी किया है। इस नई व्यवस्था से पहले चरण में चयनित करीब 7,892 परिवारों की आय तीन गुना होने की उम्मीद है।
- शुरुआती 5 जिले: पहले चरण में भागलपुर, मुजफ्फरपुर, गया, दरभंगा और पूर्णिया में इसकी शुरुआत की जा रही है।
- आगे की योजना: विभाग के सचिव शीर्षत कपिल अशोक के अनुसार, 2026-27 तक हर पंचायत में सुधा बूथ खोलने का लक्ष्य रखा गया है।
- बकरी महासंघ: राज्य स्तर पर एक ‘गोट फेडरेशन’ भी बनाया जा रहा है जो इस पूरे काम की देखरेख करेगा और किसानों को बाजार से जोड़ेगा।






